चेन्नई। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अर्थव्यवस्था के बारे में नकारात्मक बयानबाजी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। मुखर्जी ने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक धारणाओं से ज्यादा खतरनाक और कुछ नहीं हो सकता। मद्रास चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे।

सुस्ती की आशंकाएं जताने वाले लोगों की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश के विशाल घरेलू बाजार पर केंद्रित अर्थव्यवस्था हर तरह से बेहतर है। बीते समय में भी कई तरह की समस्याएं आई हैं। 'हम सामूहिक प्रयासों से इन समस्याओं से उबरे हैं। मुझे विश्वास है कि मौजूदा परेशानियों से भी उबरेंगे। हमें मनमाने ढंग से अर्थव्यवस्था में गिरावट की भविष्यवाणियां करने वालों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।'

उन्होंने उम्मीद जताई कि अर्थव्यवस्था में भरोसा बढ़ता रहेगा और साहस के जरिये विकास की प्रक्रिया जारी रहेगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था के मौजूदा हालात का भारत पर भी असर पड़ा, लेकिन सरकार के सतर्क राजकोषीय और आर्थिक प्रबंधन के चलते अधिक बुरे प्रभाव से बचे हैं। फिलहाल देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे में नकारात्मक धारणाओं का प्रसार नहीं किया जाना चाहिए। इससे किसी समस्या का समाधान नहीं होगा।

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