भंग हुईं टाटा समूह की ये 2 कंपनियां, हो गया इस दिग्गज कंपनी में 'महाविलय'; अब ये होगा नया नाम
टाटा मोटर्स अपनी दो पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों, TMF होल्डिंग्स और TMF बिज़नेस सर्विसेज़ का विलय करने जा रही ...और पढ़ें

टाटा मोटर्स में होगा 2 सहायक कंपनियों का विलय
HighLights
NCLT ने टाटा मोटर्स की विलय योजना को मंज़ूरी दी।
TMF होल्डिंग्स और TMF बिज़नेस सर्विसेज़ का मर्जर होगा।
विलय से कामकाज सरल होगा, खर्च और टैक्स प्रबंधन सुधरेगा।
नई दिल्ली। टाटा समूह (Tata Group) की दो कंपनियां भंग होने जा रही है क्योंकि इनका विलय टाटा मोटर्स में होने वाला है। दरअसल, टाटा मोटर्स (Amalgamation of TMF holdings and TMF) अपनी दो पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों (डायरेक्ट और इनडायरेक्ट सब्सिडरी) का विलय करने जा रही है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। टाटा मोटर्स को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से अपनी कंबाइंड मर्जर स्कीम को मंज़ूरी मिल गई है। 2 सितंबर, 2026 के इस आदेश से TMF होल्डिंग्स लिमिटेड और TMF बिज़नेस सर्विसेज़ लिमिटेड का मूल कंपनी में विलय आसान हो जाएगा।
जब भी किसी कंपनी का किसी बड़ी कंपनी में 'विलय' होता है, तो पुरानी कंपनी अपना कानूनी वजूद खो देती है और पूरी तरह से बड़ी कंपनी का हिस्सा बन जाती हैं।
NCLT ने आदेश में क्या कहा?
इस कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग में कंपनी की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी कंपनियों - TMF होल्डिंग्स लिमिटेड और TMF बिज़नेस सर्विसेज़ लिमिटेड - का मूल कंपनी में विलय शामिल है। NCLT ने इस आदेश के तहत कंपनी को अपने इक्विटी शेयरधारकों, सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स (डिवेंचर होल्डर्स सहित) की औपचारिक बैठकें आयोजित करने से छूट दे दी है। टाटा मोटर्स को यह निर्देश दिया गया है कि वह इन सभी शेयरधारकों और क्रेडिटर्स को नोटिस भेजे ताकि वे इस विलय योजना पर अपना पक्ष रख सकें।
इस विलय के क्या मायने?
बिजनेस जगत में इस तरह की प्रक्रिया को 'स्ट्रक्चरल सिंपलीफिकेशन' कहा जाता है। जब कोई बड़ी कंपनी अपनी ही फाइनेंस या सर्विस सब्सिडियरीज का खुद में विलय करती है, तो उसका मुख्य उद्देश्य कामकाज के खर्च को घटाना, टैक्स का बेहतर प्रबंधन करना और कंप्लायंस को आसान बनाना होता है।
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1945 में स्थापित टाटा मोटर्स लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों में से एक है और टाटा समूह का हिस्सा है। इस कंपनी का मार्केट कैप 162043 करोड़ रुपये है।
