जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक में एमएसएमई के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इसके तहत अब छोटे उद्यमी या कारोबारी राज्यों के भीतर बिना पंजीयन कराए आनलाइन कारोबार कर सकेंगे। राजस्व सचिव तरुण बजाज ने बताया कि सालाना 40 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाले उद्यमी या कारोबारी बिना पंजीयन के आनलाइन कारोबार कर सकेंगे। अभी आनलाइन कारोबार करने के लिए जीएसटी पंजीयन कराना होता है।

बिना पंजीयन कर सकेंगे आनलाइन कारोबार

ये एमएसएमई अपने राज्य के भीतर बिना पंजीयन आनलाइन कारोबार भी कर सकेंगे। काफी दिनों से एमएसएमई सरकार से इस छूट की मांग कर रहे थे। अगले साल एक जनवरी से इस फैसले को लागू किया जाएगा। क्योंकि इसे लागू करने के लिए आइटी सेटअप में कुछ बदलाव करना होगा, जिसमें दो-तीन महीने का वक्त लग सकता है।

ट्रिब्यूनल के गठन पर भी चर्चा

जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन पर भी चर्चा की गई। वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव की तरफ से जीएसटी ट्रिब्यूनल का खाका प्रस्तुत किया गया। काउंसिल के सदस्यों के बीच यह सहमति बनी कि जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक में ट्रिब्यूनल के गठन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

फर्जीवाड़ा पर लगेगी रोक

राजस्व सचिव ने बताया कि जीएसटी नेटवर्क में भी काफी सुधार करने पर फैसला किया गया है, जिसके तहत अब जीएसटीएन में एआइ व अन्य इंटेलीजेंस तरीके अपनाए जाएंगे। ताकि फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) में फर्जीवाड़ा नहीं हो सके।

पहले ही चरण में पकड़ लेगी मशीन 

अगर कोई फर्जीवाड़ा करने की नीयत से अस्पष्ट पता देगा तो मशीन उसे पहले ही चरण में पकड़ लेगी और उसकी जांच शुरू हो जाएगी। सीमा शुल्क से जुड़े नियम को तोड़ने वाले निर्यातक को रिफंड क्लेम को निलंबित करने के संबंध में फैसला किया गया है।

ईवी पर पांच प्रतिशत जीएसटी

काउंसिल की बैठक में यह भी साफ किया गया कि बैट्री के साथ या बिना बैट्री वाले सभी इलेक्टि्रक वाहनों (ईवी) पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। ई-वेस्ट पर अब पांच प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा तो पेट्रोलियम और कोल बेड मिथेन पर पांच फीसद की जगह 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। 

Edited By: Krishna Bihari Singh