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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आखिर इतना महंगा क्यों है MRF का शेयर, जानें 144945 रुपये की ऊंची कीमत के पीछे की 5 बड़ी वजह

Published: Tue, 08 Jul 2025 06:38 PM (IST)

एमआरएफ लिमिटेड ( mrf share price) के शेयर की कीमत 144945 रुपये होने के कारण यह भारतीय शेयर बाजार में ...और पढ़ें

भारतीय शेयर बाजार में MRF लिमिटेड अपने महंगे शेयर प्राइस की वजह से चर्चा में रहता है।
भारतीय शेयर बाजार में MRF लिमिटेड अपने महंगे शेयर प्राइस की वजह से चर्चा में रहता है।

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में MRF लिमिटेड अपने महंगे शेयर प्राइस की वजह से चर्चा में रहता है। अभी इसकी वर्तमान प्राइस 144945 रुपये है। एक समय था जब MRF पहला ऐसा भारतीय शेयर बना था, जिसकी कीमत 1 लाख रुपये के पार पहुंच गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर MRF का शेयर इतना महंगा क्यों है। यहां हम आपको पांच पॉइंट में समझा रहे हैं...

1. स्टॉक स्प्लिट और बोनस इश्यू न होना

एमआरएफ के महंगे शेयर कीमत का मुख्य कारण स्टॉक स्प्लिट और बोनस इश्यू से न करने का कंपनी का फैसला है। जबकि कई कंपनियाँ अपने शेयरों को अधिक किफायती बनाने और लिक्वडिटी बढ़ाने के लिए स्टॉक स्प्लिट का विकल्प चुनती हैं। कंपनी ने आखिरी बार 1970 और 1975 में बोनस शेयर जारी किए थे और तब से अपने स्टॉक को स्प्लिट नहीं किया है।

2. लिमिटेड शेयर सप्लाई

MRF के शेयर बहुत कम संख्या में उपलब्ध हैं। कम फ्लोट और हाई डिमांड के कारण इसके हर शेयर की वैल्यू बढ़ जाती है। यही कारण है कि इसके शेयर का मूल्य हजारों में नहीं, बल्कि लाखों में है।

3. बाजार में दबदबा और पुराना इतिहास

1946 में के. एम. मम्मेन मप्पिल्लै ने MRF की शुरुआत चेन्नई में एक छोटे से रबर बैलून फैक्ट्री के रूप में की थी। 1950 के दशक में कंपनी ने टायर बनाने शुरू किया। 1970 आते-आते MRF देश की सबसे बड़ी टायर बनाने वाली कंपनी बन गई और तब से अब तक यह पोजिशन कायम है। आज इसका मार्केट शेयर करीब 30% है।

4. मजबूत वित्तीय प्रदर्शन

FY24 में कंपनी की राजस्व में 9 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। यह खास तौर से टायर और ट्यूब की बिक्री में 12% की बढ़ोतरी से संभव हुआ। OEM और रिप्लेसमेंट दोनों सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है।

5. प्रीमियम ब्रांड वैल्यू और टेक्नोलॉजी

MRF ने समय के साथ नए टेक्नोलॉजी को अपनाया और प्रीमियम क्वालिटी टायर बनाए। कंपनी ने नायलॉन टायर (1973), रेडियल टायर (1990s), और इंटरनेशनल मार्केट में एक्सपोर्ट जैसे कदम उठाए जिससे उसकी ब्रांड वैल्यू मजबूत हुई। MRF ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी विस्तार किया। इंटरनेशनल मार्केट से रेवेन्यू आने से कंपनी की ग्रोथ और स्टेबिलिटी दोनों बनी रहती हैं। "शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)