नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल ने हालिया मौद्रिक समीक्षा बैठक में नीतिगत दरों में इजाफे के पक्ष में वोट किया था, ताकि महंगाई दर को 4 फीसद से नीचे लाया जा सके। यह जानकारी बीते गुरुवार को जारी हुए एमपीसी मिनट्स के जरिए सामने आई है।

मौद्रिक नीति समीक्षा (एमपीसी) की बैठक के 6 सदस्यों में से 5 ने नीतिगत दरों में 25 बेसिस प्वाइंट के इजाफे के पक्ष में वोट किया था जबकि एक ने इस इजाफे के विरोध में वोट किया था। आपको बता दें कि यह आरबीआई की ओर लगातार दूसरा इजाफा था जिसके बाद रेपो रेट बढ़कर 6.50 फीसद पर आ गई। पटेल ने इस बैठक में कहा, "मुद्रास्फीति बढ़ने का जोखिम बना रहने से मैं रेपो दर में 0.25 फीसद वृद्धि के पक्ष में वोट करता हूं। यह टिकाऊ आधार पर महंगाई को चार फीसद के दायरे में रखने की दिशा में एक अहम कदम है।"

आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि हालांकि, वर्तमान अनिश्चितताओं को देखते हुए मैं मौद्रिक नीति पर तटस्थ रुख बनाए रखता हूं। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने भी वृद्धि को ध्यान रखते हुए मुद्रास्फीति को निर्धारित दायरे में रखने के वास्ते रेपो दर में वृद्धि के पक्ष में मतदान किया था। आईआईएम अहमदाबाद के प्रोफेसर रविंद्र एच ढोलकिया एकमात्र ऐसे सदस्य थे, जिन्होंने नीतिगत दर में वृद्धि के पक्ष में मतदान नहीं किया था।

Posted By: Praveen Dwivedi

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