नई दिल्ली, पीटीआइ। RBI और ADB के बाद दुनिया की दो प्रमुख एजेंसियों Moody's और DBS ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर का अनुमान घटा दिया है। मूडीज इंवेस्टर्स सर्विसेज ने 2019 के लिए भारत की जीडीपी वृद्घि दर का अनुमान घटाकर 5.6 फीसद कर दिया है। सिंगापुर की फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी डीबीएस बैंकिंग समूह ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की विकास दर का अनुमान 5.5 से घटाकर पांच फीसद कर दिया है। इससे पहले, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने भी देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.1 से घटाकर पांच फीसद कर दिया था। मूडीज ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी कर कहा कि रोजगार की धीमी वृद्धि दर का खपत पर असर दिख रहा है। हालांकि, एजेंसी ने यह भी कहा कि 2020 और 2021 में विकास दर क्रमश: 6.6 और 6.7 फीसद रह सकती है।

फाइनेंशियल सेक्टर में हैं चुनौतियां

DBS ने अपनी रिपोर्ट ‘भारत वार्षिक परिदृश्य 2020’ में कहा कि इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था पर आर्थिक गतिविधियों में तेज गिरावट और फाइनेंशियल सेक्टर में बनी चुनौतियां हावी रही हैं। उसने कहा, ‘यह नरमी कई कारकों के कारण है। इससे लगता है कि 2020 में भी सुधार की गति धीमी रह सकती है।’ डीबीएस ने कहा कि अनुकूल मूलभूत प्रभाव और आसान मौद्रिक स्थितियां मांग को समर्थन दे सकती हैं। डीबीएस ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत पर आ सकती है।

ADB ने भी घटाया था वृद्धि दर का अनुमान

Moody's और DBS से पहले Asian Development Bank (ADB) ने भी बुधवार को भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 5.1 फीसद कर दिया था। इसके लिए उसने नौकरियों के अवसर में कमी, खराब फसल की वजह से ग्रामीण क्षेत्र पर दबाव बढ़ने और कर्ज की कमी को कारण बताया था। हालांकि, उसने अनुकूल सरकारी नीतियों के कारण अलगे वित्त वर्ष में देश की जीडीपी वृद्धि के 6.5 फीसद के आसपास रहने का अनुमान जताया था।

Posted By: Ankit Kumar

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