जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोलियम ईंधनों पर टैक्स घटाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि किसी भी देश में पेट्रोल, डीजल की कीमतें स्थिर नहीं बनी रहती हैं। उन्होंने पेट्रोलियम ईंधनों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने के सवाल पर कोई सीधा जवाब देने से परहेज किया।

वित्त मंत्री से पूछा गया था कि पेट्रोल, डीजल की कीमतों पर लगाम के लिए सरकार टैक्स में कटौती पर विचार कर रही है या नहीं। टैक्स कटौती की संभावना खारिज करने के साथ-साथ वित्त मंत्री यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इन पर कोई नया टैक्स लगाने पर भी विचार नहीं कर रही है। पेट्रोलियम ईंधनों को जीएसटी के दायरे में लाने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि तकनीकी रूप से पेट्रोल, डीजल जीएसटी के शून्य दर वाली स्लैब में हैं। इसके तुरंत बाद उन्होंने यह उल्लेख भी किया कि इस पर कोई भी फैसला जीएसटी काउंसिल करेगी।

कॉरपोरेट टैक्स कम करने के लिए संशोधन विधेयक पास

कॉरपोरेट टैक्स की दर घटाने संबंधी कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2019 सोमवार को पांच घंटे की चर्चा के बाद लोकसभा से पारित हो गया। यह विधेयक उस अध्यादेश का स्थान लेगा जिसमें कॉरपोरेट टैक्स की दर घटाने का आदेश दिया गया था। देश में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सितंबर, 2019 में यह अध्यादेश लाया गया था। इसके जरिये देश में कॉरपोरेट टैक्स की दर को 30 से घटाकर 22 फीसद और नई मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों के लिए 15 फीसद करने का एलान किया गया था।

इसका फायदा उठाने वाली कंपनियों को दूसरी कोई भी छूट नहीं मिलेगी। वित्त मंत्री ने बताया कि भारत में अब कॉरपोरेट टैक्स की प्रभावशाली दर 34.94 फीसद से घटकर 25.17 फीसद हो गई है। नई मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों के लिए भी प्रभावशाली टैक्स दर 17.16 फीसद होगी।

निवेश बढ़ने के मिल रहे संकेत : विधेयक पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने बताया, ‘कॉरपोरेट टैक्स की घटी दर के साथ भारत दुनिया के सबसे आकर्षक मैन्यूफैक्चरिंग स्थल के तौर पर उभर रहा है। कॉरपोरेट टैक्स की दर घटाने के बाद देश में निवेश बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं। कई कंपनियों ने उनसे संपर्क किया है कि वे भारत में मैन्यूफैक्चरिंग को तैयार हैं। वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था में सुधार की बात भी कही। उन्होंने कहा कि कई मोर्चो से अच्छी खबरें आने लगी हैं। नवंबर में जीएसटी संग्रह 1.03 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। प्रत्यक्ष कर संग्रह भी पांच फीसद बढ़ा है।

Posted By: Manish Mishra

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