नई दिल्ली: टाटा संस ने आज पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कंपनी का भरोसा तोड़ा। टाटा संस ने कहा कि वो 100 बिलियन डॉलर की टाटा ग्रुप की मेन ऑपरेटिंग कंपनियों पर खुद का कंट्रोल चाहते थे। गौरतलब है कि बीते 24 अक्टूबर को ही रतन टाटा ने साइरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाकर खुद कमान संभाल ली थी।

टाटा ग्रुप ने लिखा है 9 पन्नों का लेटर:

टाटा ग्रुप ने 9 पेज का लेटर लिखकर साइरस मिस्त्री के सभी आरोपों का जवाब दिया है। ग्रुप ने अपने लेटर में लिखा है कि मिस्त्री ने हमारा भरोसा तोड़ने का काम किया। वे टाटा ग्रुप की मेन ऑपरेटिंग कंपनियों से दूसरे प्रतिनिधियों को बाहर कर खुद का नियंत्रण चाहते थे। मिस्त्री की रणनीति यह थी कि वे टाटा बोर्ड में अकेले ही टाटा के प्रतिनिधि रहें। उनकी यह योजना सोची-समझी था और इस पर वे बीते चार साल से काम कर रहे थे।

क्या है टाटा ग्रुप का आरोप?

टाटा ग्रुप ने मिस्त्री पर आरोप लगाया है कि वो होटल इकाई इंडियन होटल्स को. लिमिटेड फर्म जो कि ताज ग्रुप्स ऑफ होटल्स को संचालित करती है उसपर स्वतंत्र निदेशकों के जरिए नियंत्रण प्राप्त करना चाहते थे।

मिस्त्री आईएचसीएल का नेतृत्व करते हैं, जिसमें टाटा संस अपनी 28.01 फीसदी हिस्सेदारी रखती है ने पिछले हफ्ते स्टॉक एक्सचेंज को जवाब दिया था और स्वतंत्र निदेशकों ने साइरस मिस्त्री के नेतृत्व को समर्थन भी दिया था।

Posted By: Surbhi Jain

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