नई दिल्लीे। साइरस मिस्त्री के पारिवारिक स्वामित्व वाली दो कंपनियों ने बुधवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में टाटा संस और रतन टाटा समेत उसके निदेशकों के खिलाफ मानहानि की एक याचिका दायर की है। इस याचिका में कहा गया है कि साइरस मिस्त्री को टाटा संस के निदेशक मंडल से हटाने की पहल करके टाटा न्यायाधिकरण के आदेश का उल्लंघन कर रही है।

साइरस इंवेस्टमेंट लिमिटेड और स्टर्लिंग इंवेस्टमेंट ने याचिका में उस असाधारण आम बैठक (ईजीएम) पर रोक लगाने की अपील की है जिसे छह फरवरी या अन्य किसी तारीख को बुलाया जाना है। इसके अलावा कंपनी ने टाटा और टाटा संस के अन्य निदेशकों व सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी ट्रस्ट के न्यासियों को दंड देने की भी मांग की है। ट्रस्टियों में एन ए सूनावाला, आरके कृष्णकुमार और आर वेंकटरमण शामिल हैं। इनके लिए कंपनी ने छह महीने की अधिकतम कारावास की सजा और 2000 रुपये जुर्माना अथवा दोनों देने की अपील की है।
वहीं दूसरी तरफ साइरस मिस्त्री की ओर से दायर की गई इस याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए टाटा समूह के एक प्रवक्ता ने कहा है कि किसी तरह की मानहानि नहीं की गई है। हम अपना जवाब एनसीएलटी में दाखिल करेंगे।

Posted By: Praveen Dwivedi

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