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AI की दौड़ में माइक्रोसॉफ्ट ने छीन लीं 60000 नौकरियां! भारत समेत 4 देशों के कर्मचारियों को क्या दिया ऑफर?

Published: Tue, 27 Oct 2026 05:13 PM (IST)

Microsoft layoff News: माइक्रोसॉफ्ट ने AI युग के लिए अपनी वर्कफोर्स को पुनर्गठित करने और खर्चों में कटौती के तहत ...और पढ़ें

60000 छंटनी के बाद Microsoft का पैंतरा! भारत समेत 4 देशों के कर्मचारियों को दिया बायआउट ऑफर, किसे और क्या मिलेगा फायदा?

60000 छंटनी के बाद Microsoft का पैंतरा! भारत समेत 4 देशों के कर्मचारियों को दिया बायआउट ऑफर, किसे और क्या मिलेगा फायदा?

HighLights

  1. माइक्रोसॉफ्ट ने 60,000 कर्मचारियों को बायआउट ऑफर दिया।

  2. भारत, अमेरिका, कनाडा, यूके के कर्मचारी प्रभावित होंगे।

  3. AI युग के लिए वर्कफोर्स पुनर्गठन का कदम।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| Microsoft Layoff News: एआई की अंधी दौड़ में आगे निकलने के लिए टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट अब अपने ही कर्मचारियों की बलि चढ़ा रहा है। खर्चों में कटौती और AI युग के लिए अपनी वर्कफोर्स को फिर से तैयार करने की आड़ में कंपनी ने अपने लगभग 60,000 कर्मचारियों को बायआउट यानी स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने का ऑफर (Microsoft buyout offer) दिया है। यह बड़ी संख्या माइक्रोसॉफ्ट के कुल स्टाफ का लगभग 25% यानी एक चौथाई है।

कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि यह बायआउट ऑफर भारत, अमेरिका, कनाडा और यूके (UK) में वाइस प्रेसिडेंट और उससे निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए है। सूत्रों के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट के एक्सबॉक्स (Xbox), विंडोज (Windows), कोपायलट (Copilot) और फाइनेंस जैसे डिवीजन इस छंटनी रूपी ऑफर में पूरी तरह से शामिल हैं।

वहीं, डेटा सेंटर, सेल्स, मार्केटिंग, साइबर सिक्योरिटी और क्वांटम कंप्यूटिंग में काम कर रहे लोगों को इस दायरे से बाहर रखा गया है, हालांकि कंपनी ने इन विशिष्ट विभागों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

नई छंटनियों पर कैसा है कंपनी का रुख?

माइक्रोसॉफ्ट की चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने सोमवार को कर्मचारियों को भेजे गए एक नोट में इस कड़वे घूंट को मीठा बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "यह ऑफर उन योग्य कर्मचारियों को एक नया विकल्प देता है, जो कंपनी के बाहर अपना भविष्य देख रहे हैं। हम उन्हें इस बदलाव के लिए पूरा सपोर्ट दे रहे हैं।"

कोलमैन के मेमो के अनुसार, बायआउट कंपनी को अपनी बदलती जरूरतों के हिसाब से वर्कफोर्स ढालने का एक और तरीका देता है। ऑफर स्वीकार करने वालों को स्टैंडर्ड सेवरेंस पैकेज के बराबर ही वित्तीय लाभ दिए जाएंगे।

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कई फेज में छंटनी कर चुकी है कंपनी

माइक्रोसॉप्ट हाल के वर्षों में कई चरणों में हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है। इसी साल जुलाई में कंपनी ने रिटायरमेंट की उम्र वाले कर्मचारियों को बायआउट का ऑफर दिया था। तब लगभग 8,750 योग्य कर्मचारियों में से 30% से अधिक ने इसे स्वीकार कर लिया था।

हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि इस नए ऑफर को कम लोग अपनाएंगे। वहीं, अगर कोई टॉप टैलेंट बायआउट चुनता है, तो कंपनी उसे रोकने की पूरी कोशिश भी करेगी।

जून के अंत तक माइक्रोसॉफ्ट में कुल 2,23,000 कर्मचारी थे। 2022 से यह आंकड़ा लगभग स्थिर ही रहा है, क्योंकि कंपनी अपना पैसा AI और डेटा सेंटर्स पर पानी की तरह बहा रही है। इस भारी निवेश ने कंपनी के बाकी विभागों के बजट और हायरिंग को बुरी तरह सिकोड़ दिया है।

बुधवार को कंपनी अपने वित्तीय नतीजे भी घोषित करने वाली है, जहां निवेशकों की पैनी नजर इसी बात पर होगी कि AI पर किया गया भारी-भरकम खर्च क्या वाकई रंग ला रहा है। न्यूयॉर्क में शेयर बाजार में माइक्रोसॉफ्ट के शेयर दोपहर तक करीब 1% चढ़े थे।

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गूगल-मेटा की राह पर माइक्रोसॉफ्ट

माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम टेक इंडस्ट्री के उस नए ट्रेंड का हिस्सा है, जहां AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंसानी नौकरियां कम की जा रही हैं। गूगल और मेटा भी इसी राह पर हैं। एलन मस्क और गूगल के अधिकारियों की तरह ही माइक्रोसॉफ्ट का प्रवक्ता भी साफ कर चुका है कि कंपनी को अब ऐसे लोग चाहिए जो कठिन समस्याओं में उलझने और तेज रफ्तार से काम करने को तैयार हों।

फिलहाल, कर्मचारियों के सामने बड़ा धर्मसंकट है। बायआउट लेने से पहले उन्हें अपनी सेविंग्स, भविष्य में होने वाली जबरन छंटनी के जोखिम और नई नौकरी मिलने में लगने वाले समय का आंकलन करना पड़ रहा है। मिड-करियर वाले पेशेवर यह भी सोच रहे हैं कि क्या यह पैकेज उन्हें अपना करियर बदलने के लिए पर्याप्त समय देगा।