नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग की सीएजीआर (चक्रवृद्धि सालाना विकास दर) साल 2022 तक 11.7 फीसद रहने का अनुमान है, जो साल 2017 के 30.36 अरब डॉलर से बढ़कर 2022 तक 52.68 अरब डॉलर का हो जाएगा। इसमें मुख्य रूप से लोगों को बढ़ती खर्च योग्य आय और नई प्रौद्योगिकी का योगदान होगा, जिसके कारण हर तरह के कंटेट का उपभोग बढ़ेगा, चाहे वह सिनेमा हो, टेलीविजन हो या ओवर-द-टॉप (ओटीटी) सेवाएं। एसोचैम-पीडब्ल्यूसी के संयुक्त अध्ययन में रविवार को यह जानकारी दी गई।

'वीडियो ऑन डिमांड : एंटरटेनमेंट रिइमैजिन्ड' रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय मनोरंजन और मीडिया उद्योग में टेलीविजन, सिनेमा और ओटीटी साल 2017 से 2022 की अवधि में भारतीय मनोरंजन और मीडिया उद्योग का 46 फीसद हिस्सा होगा।

पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर और लीडर (मनोरंजन और मीडिया क्षेत्र) फ्रैंक डिसूजा ने कहा, "वीडियो ऑन डिमांड (वीओडी) बाजार दुनिया भर में विकसित हुआ है, जिसमें पिछले एक दशक में भारत भी शामिल है। क्षेत्रीय और गुणवत्तापूर्ण सामग्री, विशिष्ट और वैयक्तिक 'यूजर अनुभव' के साथ प्रौद्योगिकी की मदद से मुहैया कराया जाता है, जोकि किसी भी वीओडी सेवा प्रदाता के लिए सफलता का मुख्य आधार बनने के लिए निर्धारित है। मीडिया उद्योग के पारंपरिक और रुढ़िवादी खिलाड़ी एक तरफ हैं और ओटीटी सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनियां दूसरी तरफ हैं।"

उन्होंने कहा, "एक तरफ मीडिया उद्योग के पारंपरिक और रुढ़िवादी खिलाड़ी और दूसरी ओर ओटीटी खिलाड़ी भारत में एक साथ उपस्थित रहेंगे और आने वाले सालों में प्रभावशाली वृद्धि हासिल करेंगे।"

संयुक्त अध्ययन में कहा गया कि वीडियो ऑन डिमांड की ग्राहकी (एसवीओडी) और ट्रांजेक्शनल वीडियो ऑन डिमांड (टीवीओडी) का कारोबार संयुक्त रूप से 2017 में 29.66 करोड़ डॉलर (19.32 अरब रुपये) रहा, जो 2022 में 22.6 फीसदी सीएजीआर से बढ़कर 82.32 करोड़ डॉलर (53.63 अरब रुपये) का हो जायेगा, जिसमें एसवीओडी की प्रमुख हिस्सेदारी होगी 

Posted By: Nitesh