सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीबीआइ ने सेबी प्रमुख सिन्हा से की पूछताछ

By Edited By:
Published: Thu, 22 May 2014 10:26 PM (IST)

एमसीएक्स को स्टॉक एक्सचेंज का लाइसेंस देने में गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में सीबीआइ ने सेबी प्रमुख यूके सिन्हा ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। एमसीएक्स को स्टॉक एक्सचेंज का लाइसेंस देने में गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में सीबीआइ ने सेबी प्रमुख यूके सिन्हा से पूछताछ की है। बुधवार शाम को मुंबई में पूछताछ के दौरान सीबीआइ अधिकारियों ने उनसे जानना चाहा कि तमाम आरोपों के बावजूद एमसीएक्स को पूर्ण स्टॉक एक्सचेंज का दर्जा कैसे दे दिया गया। इस मामले में सीबीआइ ने पिछले हफ्ते सेबी के पूर्व प्रमुख सीबी भावे और पूर्व सदस्य केएम अब्राहम से पूछताछ की थी।

सीबीआइ जिग्नेश शाह की कंपनी द्वारा गठित एमसीएक्स-एसएक्स को स्टॉक एक्सचेंज का लाइसेंस देने के मामले की प्रारंभिक जांच कर रही है। इसी सिलसिले में सेबी के तमाम अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। सीबीआइ का आरोप है कि भावे के सेबी प्रमुख रहने के दौरान तमाम गड़बड़ियों को नजरअंदाज कर एमसीएक्स को मुद्रा विनिमय कारोबार के लिए एक्सचेंज के रूप में काम करने का न सिर्फ लाइसेंस दिया गया, बल्कि तीन साल तक उसका नवीनीकरण भी किया जाता रहा। वहीं, यूके सिन्हा के कार्यकाल में एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज को हरी झंडी मिलने के बाद इक्विटी और डेरीवेटिव्स कारोबार शुरू हुआ। सिन्हा और भावे से सीबीआइ ने जानना चाहा कि इस फैसले के पीछे कौन सा जनहित जुड़ा था।

यूके सिन्हा के बाद सीबीआइ सेबी के एक और पूर्व प्रमुख एम दामोदरन से पूछताछ करने की तैयारी में है। एमसीएक्स एसएक्स को शुरुआती मंजूरी दामोदरन के कार्यकाल में ही दी गई थी। एक्सचेंज के प्रमोटर जिग्नेश शाह के परिसरों पर आयकर विभाग की छापेमारी के बावजूद यह मंजूरी दिए जाने का आरोप हैं। सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन सभी से पूछताछ के बाद जांच एजेंसी यह फैसला करेगी कि इस मामले में एफआइआर दर्ज की जाए या नहीं।

नए सॉफ्टवेयर से फर्जीवाड़े की पहचान करेगा सेबी