नई दिल्ली, पीटीआइ। रसोई गैस LPG की कीमतों में अगले हफ्ते बढ़ोतरी हो सकती है। इस बीच, दो दिन के अंतराल के बाद बुधवार को वाहन ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई। पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम 35 पैसे प्रति लीटर और बढ़ गए हैं। सूत्रों ने बताया कि एलपीजी के मामले में लागत से कम मूल्य पर बिक्री से होने वाला नुकसान (अंडररिकवरी) 100 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच चुका है। इस वजह से इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

सूत्रों ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर का दाम कितना बढ़ेगा, यह सरकार की अनुमति पर निर्भर करेगा। इससे पहले छह अक्टूबर को रसोई गैस सिलेंडर के दाम 15 रुपये बढ़ाए गए थे। जुलाई से 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर का दाम 90 रुपये बढ़ चुका है।

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों को खुदरा दाम लागत के अनुरूप करने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके अलावा इस अंतर को पाटने के लिए अभी तक सरकार की ओर से कोई सब्सिडी भी नहीं दी गई है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी के बीच एलपीजी की बिक्री पर नुकसान 100 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच गया है।

एलपीजी की दरों में पिछली बार 6 अक्टूबर को प्रति सिलेंडर 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे जुलाई के बाद से दरों में कुल वृद्धि 90 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर हो गई।

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मामले से सीधे तौर पर जुड़े सूत्रों ने कहा कि सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों को खुदरा बिक्री मूल्य को लागत के साथ एलाइन करने की अनुमति नहीं दी गई है, और इस अंतर को पाटने के लिए अब तक किसी भी सरकारी सब्सिडी को मंजूरी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की बिक्री पर अंडर-रिकवरी या घाटा 100 रुपये प्रति सिलेंडर से अधिक हो गया है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा की कीमतें कई साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।

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इस महीने सऊदी एलपीजी की दरें 60 फीसद बढ़कर 800 डॉलर प्रति टन हो गई हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 85.42 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

Edited By: Nitesh