नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को 20 लाख रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी अहम घोषणाएं की। सीतारमण इस पैकेज से जुड़ी घोषणाएं किस्तों में साझा कर रही हैं। आज भी वित्त मंत्री पैकेज से जुड़ी अहम घोषणाएं करेंगी। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राष्‍ट्र के नाम संबोधन में पैकेज से जुड़ी जानकारी बताई थी। बुधवार को निर्मला सीतारमण की ओर से पहले चरण में MSME, Real Estate  और आम करदाताओं से जुड़े एलान किए गए। वित्त मंत्री ने लगभग 6 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की। जानिए, घोषणा में क्या क्या रहा खास। 

वित्त मंत्री की बड़ी घोषणाएं:

  • MSME सेक्टर के लिए बिना गारंटी के 3 लाख करोड़ रुपये के लोन की सुविधा
  • कोलेटरल फ्री लोन से 45 लाख MSME को फायदा होगा
  • MSME को 4 साल के लिए लोन दिया जाएगा
  • 25 करोड़ तक लोन से 100 करोड़ टर्नओवर वालों को फायदा होगा
  • पहले 12 महीने नहीं चुकाना होगा मूलधन
  • 3 लाख करोड़ में से 20 करोड़ NBFC के लिए
  • एमएसएमई के लिए 50000 करोड़ का फंड ऑफ फंड्स बनेगा
  • MSMEs के लिए 50 हजार करोड़ का फंड ऑफ़ फंड्स बनेगा
  • MSMEs की परिभाषा बदलेगी
  • MSME को e मार्केट से जोड़ा जाएगा
  • Discom में 90 हजार करोड़ की नकदी डालेंगे
  • 10 करोड़ से 50 करोड़ वाली कंपनी स्मॉल रहेगी
  • 200 करोड़ से कम वाले में ग्लोबल टेंडर नहीं होगा। एमएसएमई को लाभ दिया जाएगा।
  • ईपीएफ में 2500 करोड़ रुपए का निवेश होगा।
  • EPF को लेकर पहले दी गई राहत जून, जुलाई और अगस्त में भी सरकार द्वारा दी जाएगी।
  • ईपीएफ में सरकारी मदद से 72 लाख कर्मचारियों को फायदा
  • ईपीएफ में निजी कंपनियों के अंशदान को 12 फीसद से घटाकर 10 फीसद किया गया।
  • ईपीएफ में कटौती से इम्प्लॉयर्स को 6800 करोड़ का फायदा: वित्त मंत्री
  • एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और MFIs के लिए 30,000 रुपये की नकदी सुविधा
  • डिस्कॉम को कैश फ्लो की भारी दिक्कत: वित्त मंत्री
  • एमएसएमई के लिए ई-मार्केट लिंकेज पर जोर दिया जाएगा
  • सरकार एमएसएमई के बाकी पेंमेंट 45 दिनों के अंदर करेगी
  • TDS रेट में 25 फीसद की कटौती
  • सभी तरह के पेमेंट पर लागू होगा
  • कल से 31 मार्च तक रहेगा लागू
  • वर्ष 2019-2020 के लिए आयकर रिटर्न की देय तिथि अब 31 जुलाई और 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 तक कर दी गई है
  • ठेकेदारों के लिए बड़ी राहत का एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सभी केंद्रीय एजेंसियां कॉन्ट्रैक्टर्स को बिना किसी शुल्क के काम पूरा करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय देंगी।
  • रियल एस्टेट डेवलपर्स को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने परियोजना पूरी करने और रजिस्ट्रेशन की समयसीमा को छह माह के लिए बढ़ा दिया है। 

इससे पहले उन्होंने कहा कि 80 करोड़ गरीबों को 5-5 किलो चावल/अनाज बांटा गया। 8 करोड़ उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को तीन महीने मुफ्त सिलेंडर दिया जा रहा है। गरीब कल्याण योजना के तहत जो घोषणाएं की गई थी, उन्हें पूरा किया जा रहा है। 

वित्त मंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के बारे में कहा कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद यह पैकेज तैयार हुआ है। सीतारमण ने कहा कि पैकेज में इंडस्ट्री का ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि ग्रोथ में तेजी लाने के लिए यह पैकेज जरूरी था। 

उन्होंने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश के सामने आत्मनिर्भर भारत का विजन पेश किया। वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि इस पैकेज से भारत आत्म-निर्भर बनेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि लोकल ब्रांड को ग्लोबल बनाना आत्मनिर्भर भारत मिशन का पार्ट है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ हैं- अर्थव्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड।

इस पैकेज की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह पैकेज कोरोना संकट के इस काल में देश को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ लाया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि ये पैकेज देश के श्रमिकों, किसानों, मध्यम वर्ग, कुटीर उद्योग एवं MSME सेक्टर के लिए हैं। 

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केंद्र सरकार ने इससे पहले मार्च में 1.70 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज के तहत सरकार ने मुफ्त में अनाज के वितरण के साथ-साथ गरीब महिलाओं और बुजुर्गों के लिए नकदी हस्तांतरण की घोषणा की थी। सरकार ने इसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का नाम दिया था।

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लॉकडाउन की वजह से पैकेज की थी जरूरत

देश में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है। इस वजह से आर्थिक गतिविधियां बिल्कुल ठप पड़ गई हैं। लोगों को कारोबार ठप हो गया है। इस वजह से कई लोगों की आजीविका पर असर पड़ा है। इस दृष्टि से आर्थिक पैकेज की सख्त जरूरत थी और विभिन्न हलकों में इसकी मांग हो रही थी।

Posted By: Ankit Kumar

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