नई दिल्ली, पीटीआइ। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 अक्टूबर से सभी नए परिवर्तनशील दर वाले कर्ज पर ब्याज को रेपो रेट से जोड़ने का निर्देश दिया है। RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे होम लोन, ऑटो लोन के साथ एमएसएमई सेक्टर को इससे जोड़ें। शीर्ष बैंक ने रेपो जैसे बाहरी बेंचमार्क के तहत ब्याज दरों में 3 महीने में कम से कम एक बार बदलाव करने को कहा है।

RBI को इस बात से नाराजगी है कि रेपो दर में 0.85 फीसद कटौती के बाद भी बैंक इसका फायदा ग्राहकों को नहीं दे रहे हैं। RBI ने 2019 में रेपो दर में चार बार कटौती की है जिसमें कुल मिलाकर 1.10 फीसद की कटौती की गई है। अप्रैल से बैंक 0.85 फीसद तक की कटौती कर चुका है। रिजर्व बैंक का कहना है कि उसकी रेपो दर में 0.85 फीसद कटौती के बाद बैंक अगस्त तक केवल 0.30 फीसद तक ही कटौती कर पाए हैं।

उधर बैंकों का कहना है कि उसकी देनदारियों की लागत कम होने में समय लगता है जिसकी वजह से रिजर्व बैंक की कटौती का लाभ तुरंत ग्राहकों को देने में समय लगता है।

 

Posted By: Nitesh

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