'नो बिंदी, नो तिलक' विवाद के बाद पीयूष बंसल की Lenskart ने जारी की नई स्टाइल गाइड, अब क्या अलाउ और क्या है बैन?
Lenskart ने 'नो बिंदी, नो तिलक' विवाद के बाद नई 'इन-स्टोर स्टाइल गाइड' जारी की है। भारी आलोचना के बाद ...और पढ़ें

HighLights
विवाद के बाद Lenskart ने नई स्टाइल गाइड जारी की।
बिंदी, तिलक, हिजाब जैसे धार्मिक प्रतीकों की अनुमति।
फटे कपड़े, खुले जूते और आपत्तिजनक टैटू प्रतिबंधित।
नई दिल्ली। पीयूष बंसल (Peyush Bansal) की आईवियर कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) ने हाल ही में हुए 'नो बिंदी, नो तिलक' विवाद के बाद अपने कर्मचारियों के लिए एक नई और पारदर्शी 'इन-स्टोर स्टाइल गाइड' जारी की है। भारी आलोचना के बाद कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अब हर धर्म और संस्कृति के प्रतीकों का स्टोर में पूरा सम्मान और स्वागत किया जाएगा।
विवाद के बाद लेंसकार्ट ने अपनी सफाई में क्या कहा है?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कंपनी ने कहा, "हमने आपकी बात सुनी है स्पष्ट और खुले तौर पर। पिछले कुछ दिनों में हमारी कम्युनिटी और ग्राहकों ने जो कहा, हमने उस पर गौर किया है और आज हम अपनी इन-स्टोर स्टाइल गाइड को सार्वजनिक कर रहे हैं।"
We have heard you. Clearly and openly. Over the past few days, our community and customers have spoken - and we have listened.
— lenskart (@Lenskart_com) April 18, 2026
Today, we are standardizing our In-Store Style Guide and sharing it publicly and transparently: https://t.co/lC8KlLLUZm
These guidelines explicitly and…
Lenska ने खुद को एक 'प्राउड इंडियन कंपनी' बताते हुए कहा कि लेंसकार्ट "भारत में, भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए" बनाई गई है। कंपनी ने जोर देकर कहा कि 2,400 से अधिक स्टोर्स चलाने वाले कर्मचारी अपनी मान्यताओं, परंपराओं और पहचान को साथ लेकर आते हैं और उन्हें इसे दरवाजे पर छोड़कर आने के लिए कभी नहीं कहा जाएगा। प्रोफेशनलिज्म और साफ-सफाई के साथ-साथ व्यक्तिगत, सांस्कृतिक और धार्मिक अभिव्यक्ति का पूरा सम्मान किया जाएगा।
नए स्टाइल गाइड के तहत कर्मचारियों को क्या-क्या पहनने की अनुमति है?
नई गाइडलाइन में सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों को स्पष्ट रूप से "हम जो हैं, उसके हिस्से के रूप में" स्वीकार किया गया है। कर्मचारियों को बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब, पगड़ी और पवित्र धागे पहनने की पूरी अनुमति है। काम के दौरान लेंसकार्ट द्वारा दी गई टी-शर्ट, साफ और अच्छी फिटिंग वाले टॉप, और प्लेन डार्क ब्लू जींस (स्ट्रेट, रेगुलर या स्लिम फिट) की अनुमति है। इसके अलावा सुरक्षा और स्वच्छता के लिए डार्क रंग के बंद जूते और मोजे पहनना अनिवार्य है।
छोटे आभूषण जैसे झुमके, नोज पिन, अंगूठी और चेन पहने जा सकते हैं। साथ ही, ऐसे टैटू या निशान जो आपत्तिजनक न हों, उन्हें भी अनुमति है।
स्टोर के अंदर किन चीजों पर सख्त पाबंदी लगाई गई है?
प्रोफेशनल माहौल और ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, कंपनी ने 'No' (प्रतिबंधित) कैटेगरी की भी एक स्पष्ट सूची जारी की है।
जिसके मुताबिक कपड़ों में फटी हुई (Torn/Distressed), रंग उड़ी हुई जींस या टॉप और बिना अप्रूवल वाले रंग की ड्रेस पहनने पर मनाही है। कपड़ों पर बड़े लोगो (Logos) या ग्राफिक्स भी नहीं होने चाहिए। खुले हुए जूते (Open footwear), चप्पल, और गंदे या डैमेज्ड जूते पूरी तरह बैन हैं।
बहुत ज्यादा चमकीले, बड़े (Oversized), शोर करने वाले या असुरक्षित आभूषण नहीं पहने जा सकते। अनप्रोफेशनल कैजुअल टोपी (Headwear) पर भी रोक है। तेज शारीरिक दुर्गंध (Body Odour), बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग परफ्यूम, और खराब साफ-सफाई को अस्वीकार्य माना गया है। कोई भी ऐसा टैटू या बॉडी आर्ट जो अश्लील, भेदभावपूर्ण या आपत्तिजनक हो, वह भी बैन है।
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कर्मचारियों की शिकायतों और नियम लागू करने पर HR की क्या पॉलिसी है?
कंपनी ने एक ऐसा तंत्र बनाया है जहां कर्मचारी किसी भी प्रतिशोध के डर के बिना एचआर (HR) के पास अपनी चिंताएं दर्ज करा सकते हैं। धर्म, संस्कृति, विकलांगता, गर्भावस्था या किसी मेडिकल जरूरत के लिए कर्मचारियों को उचित सुविधा दी जाएगी। गाइडलाइन में चेतावनी दी गई है कि नियमों को लागू करने में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पहनावे को लेकर किसी भी तरह की 'व्यक्तिगत पुलिसिंग' नहीं की जाएगी, जब तक कि उसका संबंध सीधे तौर पर हाइजीन, सुरक्षा या काम की जरूरत से न हो।
अगर ग्रूमिंग रूल्स और व्यक्तिगत मान्यताओं के बीच कोई टकराव होता है, तो उसे समाधान के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। लेंसकार्ट ने अपनी पिछली माफी को दोहराते हुए यह कदम उठाया है, जहां उन्होंने स्वीकार किया था कि उनके आंतरिक संचार के कारण कर्मचारियों को असुविधा हुई थी।
