यूपी के इस कारोबारी ने कभी शराब नहीं पी, लेकिन खड़ी की दिग्गज लिकर कंपनी; 16 लाख से शुरुआत अब 61000 करोड़ का मालिक
ललित खेतान ने 1996 में अपने परिवार की घाटे में चल रही डिस्टिलरी को राडिको खेतान में बदला, जो आज ...और पढ़ें
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शराब से दूर रहकर भी ललित खेतान ने खड़ी की $2.5 बिलियन की दिग्गज शराब कंपनी राडिको खेतान

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। साल था 1996... रामपुर की एक उमस भरी सुबह और ललित खेतान की जिंदगी में एक अहम मोड़ आया। उनके परिवार की डिस्टिलरी, जिसे उनके पिता ने 1972 में ₹16 लाख में घाटे में चल रहे कारोबार के तौर पर खरीदा था, कम मुनाफे वाले कमोडिटी के जाल में फंसी हुई थी। यह प्लांट बड़ी कंपनियों के लिए भारी मात्रा में एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) बनाता था। ये बड़ी कंपनियां ही कीमतें तय करती थीं और स्वतंत्र उत्पादकों से हर पैसा निचोड़ लेती थीं।
ललित खेतान एक रूढ़िवादी मारवाड़ी परिवार में जन्मे, जहां शराब पीना सख्त मना था, ललित खेतान ने जिंदगी भर शराब से दूरी बनाए रखी और 29 साल की उम्र में पहली बार शराब चखी। शराब न पीने के बावजूद, उन्हें इस इंडस्ट्री की केमिस्ट्री, डिस्टिलेशन और इकोनॉमिक्स की अच्छी समझ थी।
यह समझते हुए कि असली वैल्यू कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के बजाय ब्रांड के मालिकाना हक में है, उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए ऑर्डर के लिए गिड़गिड़ाना बंद किया और अपने खुद के ब्रांड बनाने का फैसला किया।
कंपनी का नाम बदलकर 'राडिको खेतान' किया
अपने बेटे अभिषेक के साथ मिलकर, उन्होंने 1998 में अपनी मुख्य व्हिस्की '8PM' लॉन्च करने से पहले कंपनी का नाम बदलकर 'राडिको खेतान' कर दिया। इस ब्रांड ने लॉन्च के पहले ही साल में दस लाख (1 मिलियन) केस बेचकर बाज़ार को चौंका दिया और लिम्का बुक रिकॉर्ड बनाया।
साल 2005 में, उन्होंने वोदका पर एक और बड़ा दांव खेला। वोदका एक ऐसी खास कैटेगरी थी जिसकी हिस्सेदारी भारतीय शराब की खपत में 2% से भी कम थी। उन्होंने 2006 में 'मैजिक मोमेंट्स' लॉन्च किया, जिसका आज भारत के वोदका बाजार में 60% से ज्यादा हिस्सा हो गया है।
ललित खेतान की नेटवर्थ कितनी है?
पूरी तरह से बैकवर्ड इंटीग्रेशन अपनाकर, प्रीमियम स्पिरिट्स की ओर रुख करके और 'रामपुर सिंगल माल्ट' व 'जैसलमेर जिन' जैसे लग्ज़री प्रोडक्ट्स लाकर राडिको खेतान ने अपनी दिशा बदल दी। वित्त वर्ष 2026 के लिए, कंपनी ने ₹6,050.4 करोड़ का नेट रेवेन्यू दर्ज किया और मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹60,000 करोड़ तक पहुंच गया। फोर्ब्स के मुताबिक ललित खेतान की नेटवर्थ 2.5 बिलियन डॉलर (24,193 करोड़ रुपये) है।
