नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगर आप पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं तो आपकी परेशानी में और इजाफा होने की संभावना तेज हो गई है। जहां एक ओर ब्रेंट क्रूड 75 के स्तर पर पहुंच गया है वहीं दूसरी ओर डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 69.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। क्रूड की कीमतों में आए उछाल का सीधा संबंध पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे से होता है, क्योंकि सरकारी तेल विपणन कंपनियां क्रूड की कीमत के आधार पर ही पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय करती हैं।

क्रूड में आए उबाल पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

ब्रोकिंग फर्म कार्वी कमोडिटी के हेड रिसर्च डॉ रवि सिंह के मुताबिक मौजूदा अंतराष्ट्रीय परिदृश्य में कच्चे तेल की कीमतों को सपोर्ट देने वाले कई फैक्टर एक साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहने की पूरी संभावना है। इस तेजी में ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल तक के स्तर छू सकता है। इस तेजी के कारण बताते हुए रवि सिंह ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच छिड़ा ट्रेड वार और रूस और ओपेक देशों की ओर से कच्चे तेल की सप्लाई को जानबूझकर बाधित करना समेत कई फैक्टर्स कीमतों को सपोर्ट दे रहे हैं। उनके मुताबिक बुधवार को अमेरिका में जारी होने वाले इंवेंट्री के आंकड़ों से पहले कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी बनती है।

कच्चे तेल में तेजी के प्रमुख कारण:

  • खाड़ी देशों में तनाव का बढ़ना कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा कारण है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतें कई साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
  • अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वार भी कच्चे तेल में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण है। हालांकि इस पहलू पर अब नरमी के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं।
  • वहीं ओपेक और रूस की ओर से लिया गया प्रोडक्शन कट का फैसला भी क्रूड की कीमतों में उबाल पर जोर दे रहा है। कच्चे तेल की डिमांड और सप्लाई को बाधित करने की वजह भी कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण है।

क्रूड बढ़ने का क्या होगा असर: क्रूड की कीमतों में आए इस उछाल के कारण एक बार फिर से पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है, जो कि पहले से ही काफी ज्यादा चल रही हैं। जानिए आपके शहर में क्या हैं पेट्रोल के दाम...

 

Posted By: Praveen Dwivedi

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