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जुलाई के पहले हफ्ते में बढ़ा धान की बुवाई का आंकड़ा, अरहर, सोयाबीन, मूंगफली और कपास का क्या हाल?

Published: Tue, 07 Jul 2026 12:31 PM (IST)Updated: Tue, 07 Jul 2026 12:34 PM (IST)

कमजोर मानसून के कारण 25 जून तक खरीफ फसलों की बुवाई में कमी आई थी, लेकिन जुलाई की शुरुआत में ...और पढ़ें

5 जुलाई तक देश में खरीफ फसलों की बुवाई का आंकड़ा

5 जुलाई तक देश में खरीफ फसलों की बुवाई का आंकड़ा

HighLights

  1. कमजोर मानसून से खरीफ बुवाई में शुरुआती गिरावट।

  2. जुलाई में अच्छी बारिश से धान की बुवाई सुधरी।

  3. कपास, दलहन, तिलहन की बुवाई में भारी कमी।

नई दिल्ली| कृषि मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 25 जून तक देश में खरीफ फसलों की बुवाई में काफी कमी आई थी। ये कमी अलनीनो (El Nino) के चलते कमजोर मानसून के कारण दर्ज की गई थी। 25 जून तक देशभर में कुल बुवाई के क्षेत्रफल में करीब 23 फीसदी की कमी थी, जिसमें धान की बुवाई में देशभर में 25.1% की गिरावट आई थी। हालांकि शुरुआती जुलाई में अच्छी बारिश होने के कारण गुड न्यूज सामने आई है। धान की बुवाई के साथ खरीफ की अन्य फसलों की बुवाई भी बढ़ी है।

धान की बुवाई में आया सुधार

मानसून में कमी के कारण पिछले साल की तुलना में इस साल धान की बुवाई काफी पीछे चल रही है। 25 जून तक पिछले साल के मुकाबले देशभर में करीब 23 फीसदी की कमी आई थी। 1-5 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होने के कारण आंकडों में सुधार हुआ है। 5 जुलाई तक देश में 60.24 लाख हेक्टेयर में ही धान की बुवाई या रोपाई हो पाई है, साल 2025 में 5 जुलाई तक ये आंकड़ा 69.30 लाख हेक्टेयर पर था। अभी भी 13 फीसदी से अधिक की कमी है।

कपास की खेती धड़ाम

कपास खरीफ सीजन की खास फसलों में शामिल है। कपास की खेती से अच्छी कमाई भी होती है। पिछले कुछ सालों से कपास में कई तरह की अनियमितता भी देखी गई है। आपको बता दें कि कपास की खेती में इस बार भारी गिरावट दर्ज की गई है। कपास की खेती का रकबा 23 प्रतिशत घटकर 82 लाख हेक्टेयर से 63.18 लाख हेक्टेयर रह गया है।ॉ

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दलहन-तिलहन पर बुरा प्रभाव

सरकार की ओर से दलहन-तिलहन फसलों की बुवाई के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें दलहन की रोपाई का रकबा पिछले साल के 5 जुलाई तक 47.49 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 37.15 लाख हेक्टेयर और तिलहन की रोपाई का रकबा पिछले वर्ष के 109.27 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 66.31 लाख हेक्टेयर तक रह गया है। इसमें सबसे अधिक गिरावट अरहर और उड़द की बुवाई में देखी गई है। वहीं सोयाबीन जैसी तिलहन फसल पर सोयाबीन और मूंगफली की बुवाई में गिरावट आई है।