नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। केरल में भारी जलप्रवाह के कारण सेवाओं की आपूर्ति ठप हो गई है और इससे उपभोग संचालित राज्य की अर्थव्यवस्था के 100 बीपीएस (बेसिस प्वाइंट) फिसलने का अनुमान है। इस समय पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र, श्रम (लेबर) और कोच्चि औद्योगिक बेल्ट में सबसे बड़ा नुकसान देखा जा रहा है।

राज्य में अब तक की सबसे भयावह बाढ़ के चलते 8 अगस्त तक करीब 230 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही अचल संपत्तियों, कृषि और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसने राज्य को करीब 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की चोट पहुंचाई है।

केयर रेटिंग की रिपोर्ट के मुताबिक भारी बारिश से पीड़ित राज्य की जीडीपी इस वित्त वर्ष के 7.6 फीसद के बजटीय अनुमान से घटकर 6.5 से 7 फीसद पर पहुंचने का अनुमान है। राज्य की जीडीपी में औद्योगिक क्षेत्र का योगदान सिर्फ 26 फीसद है, जबकि 66 फीसद योगदान सेवा क्षेत्र का है, जिसमें से अकेले पर्यटन क्षेत्र की हिस्सेदारी 40 फीसद की है।

सबसे ज्यादा नुकसान एर्नाकुलम और कोच्चि क्षेत्र में हुआ है जो कि औद्योगिक रुप से सबसे ज्यादा सक्रिय और पर्यटन के लिहाज से प्रमुख माना जाता है। इसलिए राज्य की अर्थव्यवस्था में अगले वित्त वर्ष तक क्रमिक (धीमे-धीमे) सुधार ही देखा जा सकता है।

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया कि जिले, राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों की करीब 10,000 किलोमीटर तक की सड़कों को होने वाला नुकसान अनुमानित रुप से 12,000 करोड़ रुपये के आस पास बैठेगा और एयरपोर्ट को होने वाला नुकसान करीब 40 करोड़ रुपये के आस पास बैठेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सड़कों पर नुकसान, जहां 10,000 किलोमीटर से अधिक जिले, राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों को धोया गया है, 12,000 करोड़ रुपये के रूप में उच्च होगा, जबकि हवाईअड्डे का आंकड़ा करीब 40 करोड़ रुपये है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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