नई दिल्ली, पीटीआइ। रिलायंस जियो और फेसबुक स्थानीय पड़ोस के किराना स्टोर से उपभोक्ताओं तक सामान पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप का उपयोग कर सकते हैं। रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर मुकेश अंबानी ने यह बात कही। जियो और फेसबुक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। 

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक छोटे वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, 'हम सभी रिलायंस और जियो में फेसबुक इंक का स्वागत करते हुए बहुत खुश हैं।' उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनी फेसबुक ने बुधवार को मुकेश अंबानी के नेतृव वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की कंपनी जियो प्लेटफार्म्स  में 9.9 फीसद हिस्सेदारी खरीदने के लिए 5.7 अरब डॉलर या करीब 43,574 करोड़ रुपये निवेश का करार किया है। 

अंबानी ने कहा, 'Jio के विश्व स्तरीय डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म और भारतीय लोगों के साथ फेसबुक के जुड़ाव की संयुक्त शक्ति आप हर एक के लिए नए नए समाधान पेश करेगी।' JioMart जो कि Jio का नया डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म है और व्हाट्सएप मिलकर, लगभग 3 करोड़ छोटी भारतीय किराना दुकानों को डिजिटल लेनदेन करने में सक्षम बनाएंगे। यह दुकानदार अपने ग्राहकों से डिजिटल लेन देन कर पाएंगे। इसका मतलब है कि आप सभी स्थानीय दुकानों से रोजाना के सामानों का ऑर्डर और उसकी डिलीवरी ले सकेंगे। इस सौदे से रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह को अपने कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी तथा फेसबुक की भारत में स्थिति और मजबूत होगी। उसके लिए उपयोगकर्ताओं आधार के लिहाज से भारत इस समय भी सबसे बड़ा बाजार है।

आरआईएल द्वारा अपने कर्ज को कम करने के प्रयासों के तहत फेसबुक के साथ यह सौदा किया गया है। इसके लिए आरआईएल अपने व्यवसायों में रणनीतिक भागीदारी की तलाश कर रही है। समूह अपने तेल-रसायन कारोबार में 20 फीसद हिस्सेदारी बेचने के लिए सऊदी अरामको के साथ बातचीत भी कर रही है। समूह ने अगले साल तक कर्ज मुक्त होने का लक्ष्य तय किया है। जियो में हिस्सेदारी के लिए कथित तौर पर गूगल से भी बातचीत की जा रही थी, लेकिन उन बातचीत के नतीजे के बारे में जानकारी फिलहाल नहीं है। 

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