नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के नए निवेशकों को एयरलाइन को परिचालन में लाने के लिए 4500 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की जरूरत होगी। यह जानकारी एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) इस एयरलाइन को कर्ज देने वाले 26 बैंकों के गठजोड़ का प्रमुख है, जो कि अगले महीने एयरलाइन के अधिग्रहण के इच्छुक खरीदारों से रुचि पत्र मंगवाएगा और मई के अंत तक निवेशक के नाम को अंतिम रुप दे देगा। अधिकारी के मुताबिक, एयरलाइन में काफी सारे निवेशकों ने रुचि दिखाई है और खरीदारों को इस एयरलाइन को चालू रखने के लिए 4500 करोड़ रुपये की पूंजी जुटानी होगी।

अधिकारी ने बताया कि यह एक अच्छी एयरलाइन है और जेट एयरवेज में काफी निवेशकों ने रुचि दिखाई है। बैंकों ने नौ अप्रैल तक रुचि पत्र मंगाने और 30 अप्रैल तक बाध्यकारी बोली आमंत्रित करने का फैसला किया है।एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया, "ये वित्तीय निवेशक हो सकते हैं, एयरलाइन हो सकती है, नरेश गोयल खुद या एतिहाद हो सकती है। किसी के भी बोली में हिस्सा लेने पर रोक नहीं है। एयरलाइन का अधिग्रहण नियमत: होना है।"

एसबीआई की अगुवाई में बैंकों का समूह कंपनी में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की पूंजी तत्काल डालने पर सहमत हुआ है। इसके लिए 11.4 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। अब जेट एयरवेज में नरेश गोयल की हिस्सेदारी 51 फीसद से घटकर 25 फीसद पर आ गई है, जबकि अबू धाबी स्थित एतिहाद एयरवेज की हिस्सेदारी 24 फीसद से घटकर 12 फीसद पर आ गई है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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