नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। संकट में फंसी जेट एयरवेज की मुश्किलें कल और गहरा गईं जब ऋणदाताओं ने सोमवार को कंपनी को आपातकालीन धन उपलब्ध कराने के लिए बहुप्रतीक्षित निर्णय को टाल दिया। सोमवार को हुई लंबी बैठक में इस पर फैसला नहीं हो सका। यहां तक कि कंपनी का पायलट यूनियन बैंकों और प्रधानमंत्री से अपील कर चुका है कि वो एयरलाइन को बचाएं।

जेट एयरवेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे ने आंतरिक नोट में कहा कि बैंक कंपनी को आपातकालीन कर्ज देने पर फैसला नहीं ले सके हैं और निदेशक मंडल आगे की चर्चा के लिए मंगलवार को फिर से बैठक करेंगे। अभी जेट एयरवेज के मात्र 6-7 विमान परिचालन में हैं।

उन्होंने कहा, "जैसा की आप जानते हैं कि हम अपने परिचालन कार्य के लिए बैंकों से पैसा मांग रहे हैं। अंतरिम कर्ज अभी नहीं मिला है, जिसके चलते हम अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 18 अप्रैल तक बंद रखेंगे।"

दुबे ने मेल के जरिए जानकारी दी, "कर्जदाताओं के साथ चल रही हमारी बातचीत की मौजूदा स्थिति और उससे जुड़े अन्य मामलों को मंगलवार को निदेशक मंडल के समक्ष रखा जाएगा। हम आपको सभी महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बारे में जानकारी देते रहेंगे।"

जेट एयरवेज पायलटों के संघ, नेशनल एविएटर्स गिल्ड ने रविवार को यह कहते हुए सोमवार से हड़ताल का फैसला टाल दिया था कि वो बैंकों की बैठक से पहले एयरलाइन को कुछ और वक्त देना चाहते हैं।

Posted By: Praveen Dwivedi

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