नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये को संकट से बाहर निकाले के लिए अब दूसरे पैतरे अपनाए जा रहे हैं। करेंसी के मोर्चे पर सबसे अहम खबर ये है कि भारत और जापान ने करेंसी स्वैप दोगुनी करने का फैसला किया है। इस मामले में शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने जापानी समकक्ष से मुलाकात करेंगे।

सूत्रों का कहना है कि जापान के साथ येन में कारोबार जल्द ही शुरू होने के आसार हैं। वर्तमान में भारत और जापान के बीच 15 अरब डॉलर का करेंसी स्वैप समझौता है। माना जा रहा है कि इस बढ़ाकर 50 अरब डॉलर किया जा सकता है। येन में स्वैप से विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारत और जापान के बीच करेंसी स्वैप का ऐलान आज शाम तक मुमकिन है।

दो कंपनियों के बीच होने वाला फॉरेक्स एग्रीमेंट करेंसी स्वैप होता है। करेंसी स्वैप के तहत एक करेंसी की देनदारी को दूसरी करेंसी की देनदारी में बदलना होता है। दरअसल, सस्ते कर्ज और करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कम करने के लिए करेंसी स्वैप का सहारा लिया जाता है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार इस बात से काफी खुश है कि आरबीआई और सरकार दोनों ही रुपये को संभालने के लिए मजबूत कदम उठा रहे हैं और इससे रुपये में अच्छी तेजी आएगी।

भारत-जापान के बीच अतिरिक्त करेंसी स्वैप से रुपये को काफी फायदा होगा। साथ ही आरबीआई के नए गवर्नर के रूप में रघुराम राजन के आने से बाजार में जोश देखने को मिला है। इन सब खबरों के बीच डॉलर के मुकाबले रुपये के लिए 65.50 का स्तर काफी अहम हो सकता है।

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