नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। बिमल जालान समिति भारतीय रिज़र्व बैंक की सरप्लस राशि को तीन से पांच चरणों में सरकार को सौंप सकती है। न्यूज एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह बात कही गई है। विमल जालान समिति आरबीआई के रिजर्व फंड में से सरप्लस राशि को सरकार को देने के मामले में गठित की गई थी। सूत्रों के अनुसार समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के पावर मिनिस्ट्री में ट्रांसफर के बाद इस पैनल के समय को बढ़ा दिया गया था। उनकी जगह पर नए वित्त सचिव राजिव कुमार आए थे।

सूत्रों के अनुसार, यह सिफारिश लगभग फाइनल हो चुकी है और अब कोई अन्य मीटिंग नहीं होगी। सूत्र ने कहा, "हमने सभी चीजों पर विमर्श किया है। अब यही अंतिम रिपोर्ट है। यह बताना मुश्किल है कि यह रुपया कितना होगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में आरबीआई को भेज दी जाएगी।

पूर्व आरबीआई गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में 26 दिसंबर 2018 को छह सदस्यीय समिति बनाई गई थी। यह समिति इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क (ECF) की समीक्षा के लिए तैयार की गई थी। वह इसलिए क्योंकि वित्त मंत्रालय चाहता था कि आरबीआई विश्व की बेहतर व्यवस्था को अपनाए और अपनी सरप्लस राशि का हिस्सा सरकार को ट्रांसफर करे।

Posted By: Pawan Jayaswal