नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। आधार को गेमचेंजर बताते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इसके क्रियान्वयन से हुई वित्तीय बचत से आयुष्मान भारत जैसी तीन लोक कल्याणकारी योजनाओं की फंडिंग हो सकती है। यह एक महात्वाकांक्षी स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है जो कि गरीबों को मुफ्त में अस्पताल में इलाज पाने की सुविधा प्रदान करता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व को आधार के सफल क्रियान्वयन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए सरकार ने अपने विरोधाभासों और अनिर्णय की वजह से इस पर अनमने तरीके से काम किया।

अपने फेसबुक पोस्ट 'आधार के लाभ-आज इसकी स्थिति क्या है' में जेटली ने कहा कि आधार के जरिए सब्सिडी की आपूर्ति से मार्च, 2018 तक पिछले कुछ साल के दौरान 90,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इससे कई डुप्लिकेट, अज्ञात और फर्जी लाभार्थियों को हटाने में मदद मिली।

उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की डिजिटल डिविडेंड रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत आधार से हर साल 77,000 करोड़ रुपये की बचत कर सकता है। वित्त मंत्री ने कहा, 'आधार की बचत से आयुष्मान भारत जैसी तीन योजनाएं चलाई जा सकती हैं।'

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये का ‘कवर’ देना है। इस योजना से करीब 10.74 करोड़ परिवारों को लाभ होगा। वहीं इस योजना के शुरू होने के बाद से 7 लाख गरीब मरीज अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा का लाभ ले चुके हैं।

Posted By: Praveen Dwivedi

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