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जवाई-रणथंबौर के बाद ये भारतीय अरबपति अफ्रीका में दिखाएगा लग्जरी! खरीदे दो सफारी कैंप; शेर, तेंदुए और चीते से होगी मुलाकात

Published: Tue, 29 Sep 2026 12:13 PM (IST)Updated: Tue, 29 Sep 2026 12:24 PM (IST)

भारतीय होटल कारोबारी जैसल सिंह के लक्जरी ब्रांड SUJAN ने जाम्बिया में 'चियावा कैंप' और 'ओल्ड मोंडोरो' सफारी कैंप का अधिग्रहण कर भारत से बाहर पहली बार कदम रखा है।

ये भारतीय अरबपति अफ्रीका में दिखाएगा लग्जरी!

ये भारतीय अरबपति अफ्रीका में दिखाएगा लग्जरी!

HighLights

  1. SUJAN ने जाम्बिया में 'चियावा कैंप' और 'ओल्ड मोंडोरो' खरीदे।

  2. यह SUJAN का भारत से बाहर पहला अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण है।

  3. डील संरक्षण-नेतृत्व वाले लक्जरी पर्यटन पर केंद्रित है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: भारतीय होटल कारोबारी जैसल सिंह (Jaisal Singh) के के कंजर्वेशन-लेड लक्जरी ब्रांड SUJAN ने पहली बार भारत से बाहर कदम रखते हुए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील क्रैक की है। कंपनी ने जाम्बिया (Zambia) में स्थित विश्व प्रसिद्ध 'चियावा कैंप' (Chiawa Camp) और 'ओल्ड मोंडोरो' (Old Mondoro) सफारी कैंप का अधिग्रहण कर लिया है।

जैसल सिंह की नई पारी

जैसल सिंह ने जाम्बिया में 'चियावा कैंप' और 'ओल्ड मोंडोरो' खरीदे हैं। यह पहली बार है जब उनकी होटल कंपनी 'सुजान' (SUJAN) ने भारत के बाहर कोई बिजनेस खरीदा है। 'सुजान' ने सोमवार, 28 सितंबर को 'चियावा सफारीज' से इनकी खरीद की घोषणा की। किसी भी पक्ष ने यह नहीं बताया कि इसके लिए कितनी कीमत चुकाई गई।

इस सफारी कैंप की क्या है खासियत?

ये दोनों कैंप दक्षिणी अफ्रीका के सबसे कम विकसित संरक्षित इलाकों में से एक, 'लोअर जाम्बेजी नेशनल पार्क' में जाम्बेजी नदी के किनारे स्थित हैं। 'चियावा' पुराना और ज्यादा मशहूर है, जबकि 'ओल्ड मोंडोरो' पार्क के अंदरूनी हिस्से में स्थित है और वहां सिर्फ कुछ ही टेंट हैं। इन कैंपों की खासियत यही है कि यहां दूसरे लोग नहीं होते।

इस पारी पर जैसल सिंह ने क्या कहा?

सिंह ने इस डील को सिर्फ विस्तार के तौर पर नहीं देखा। उन्होंने कहा कि अफ्रीका उनके लिए हमेशा से एक खास जगह रही है सिर्फ वहां के वाइल्डलाइफ और नजारों की वजह से ही नहीं, बल्कि इसलिए भी कि इस महाद्वीप ने दिखाया है कि कैसे जिम्मेदार टूरिज्म संरक्षण में एक पार्टनर के तौर पर काम कर सकता है। उन्होंने इस खरीद को महज एक भौगोलिक विस्तार से कहीं ज्यादा अहम बताया।

वहां उनका पहले से ही एक कैंप था। SUJAN कई सालों से केन्या के मसाई मारा में 'एलिफेंट पेपर कैंप' चला रहा है, इसलिए जाम्बिया में यह प्रॉपर्टी कंपनी की पहली अफ्रीकी प्रॉपर्टी नहीं, बल्कि पहली अफ्रीकी खरीद है।

जैसल सिंह की कंपनी का बड़ा है रुतबा

SUJAN के पीछे एक बड़ी इंडस्ट्रियल दौलत है। सिंह, भारतीय ऑटोमोटिव पार्ट्स बनाने वाली कंपनी ANAND ग्रुप के सुपरवाइजरी बोर्ड के डायरेक्टर और एग्जीक्यूटिव बोर्ड के वाइस चेयरमैन हैं। वे स्ट्रैटेजिक ग्रोथ काउंसिल के चेयरमैन भी हैं, जो मर्जर और एक्विजिशन का काम देखती है। उनकी पत्नी और SUJAN की को-फाउंडर अंजलि सिंह, ANAND की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन हैं। उन्होंने 33 साल की उम्र में अपने पिता दीप सी. आनंद की जगह यह पद संभाला था। वे ग्रुप के लिस्टेड राइड-कंट्रोल बिजनेस, गैब्रिएल इंडिया की चेयरपर्सन भी हैं। कोटक वेल्थ हुरुन ने 2020 में उनकी नेट वर्थ 34.5 अरब रुपये आंकी थी।

होटल का बिजनेस पैसे की जरूरत पड़ने से बहुत पहले ही शुरू हो गया था। सिंह ने 2000 में रणथंभौर में 'शेर बाग' खोला, जो भारत के पहले लक्जरी सफारी कैंपों में से एक था। इसके बाद उन्होंने अमन रिसॉर्ट्स के साथ मिलकर उसी रिजर्व में 'अमन-ए-खास' बनाया। 2009 में जैसलमेर में 'द सराई' और 2013 में जोधपुर और उदयपुर के बीच तेंदुओं के इलाके में 'जवाई' बनाया गया।

भारत में SUJAN की सभी प्रॉपर्टीज 'रिले एंड शैटो' (Relais & Chateaux) का हिस्सा हैं। सिंह 2013 में इस एसोसिएशन के वाइस-प्रेसिडेंट चुने गए थे; वे इस पद पर पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति और एकमात्र भारतीय थे। वे वाइल्डलाइफ और पोलो पर किताबें भी लिखते हैं और इंडियन पोलो एसोसिएशन की रूल्स कमिटी के चेयरमैन भी हैं।

इस डील में शामिल दोनों बिजनेस परिवारों द्वारा शुरू किए गए थे। 'चियावा सफारीज' दशकों से लोअर जाम्बेजी कैंप चला रही है और SUJAN इस खरीद को परिवारों द्वारा शुरू किए गए दो संगठनों के एक साथ आने के तौर पर देखती है।

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