यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ITR Refund की भी लास्ट डेट होती है क्या? ITR Filing की अंतिम तारीख बढ़ने से उठा सवाल; जान लीजिए जवाब
ITR Filing 2025 की अंतिम तारीख को एक और दिन के लिए इनकम टैक्स ने बढ़ा दिया है। इनकम टैक्स ...और पढ़ें

नई दिल्ली। ITR Filing 2025 की अंतिम तारीख बढ़ा दी गई है। इनकम टैक्स विभाग ने 15 सितंबर की रात करीब 11 बजकर 48 मिनट पर एक्स पर पोस्ट करके जानकारी दी। आईटीआर दाखिल करने की डेट 16 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। यानी आज आपके पास इनकम टैक्स रिटर्न भरने का आखिरी मौका है। मंगलवार 16 सितंबर की रात तक आप अपना आईटीआर भर सकते हैं। इसके बाद अब मौका नहीं मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर अधिकतर लोगों के इनकम टैक्स रिटर्न का रिफंड मिलने लगा है। एक सवाल यह उठ रहा है कि क्या ITR Refund की भी क्या कोई ड्यू डेट होती है? आइए आपकी कन्फ्यूजन को दूर करते हैं।
क्या ITR Refund की भी होती है ड्यू डेट?
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा तो हमने इसका जवाब जानने के लिए इनकम टैक्स एक्सपर्ट जीतेंद्र वर्मा से संपर्क साधा। उन्होंने जागरण बिजनेस को बताया कि आईटीआर रिफंड की कोई ड्यू डेट नहीं होती है। यह वित्त वर्ष में कभी भी आपके अकाउंट में आ सकता है। इसके अलावा रिफंड कब आएगा यह आपके आईटीआर दाखिल करने की तारीख पर भी निर्भर होता है।
जीतेंद्र वर्मा ने आगे बताया, "देखिए, ITR Refund की कोई ड्यू डेट नहीं होती है। लेकिन आपको वित्त वर्ष के खत्म होने से पहले रिफंड कभी भी मिल सकता है। लोग जितना जल्दी रिटर्न दाखिल करते हैं उन्हें उतना जल्दी रिफंड मिलता है। औसतन आईटीआर दाखिल करने के 1 से 2 महीने में रिफंड आ जाता है। कभी-कभी रिटर्न दाखिल करने में हुई गड़बड़ियों की वजह से रिफंड आने में लेट भी हो जाता है। लेकिन अधिकतर यह एक से दो महीने में आ जाता है।"
दाखिल हुए 7 करोड़ से अधिक ITR
इनकम टैक्स विभाग ने कहा, "15 सितंबर 2025 तक रिकॉर्ड 7.3 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं, जो पिछले साल के 7.28 करोड़ से अधिक हैं। हम करदाताओं और पेशेवरों को उनके समय पर अनुपालन के लिए तहे दिल से धन्यवाद देते हैं।"
यह भी बताया गया कि आईटीआर दाखिल करने, कर भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं में करदाताओं की सहायता के लिए हेल्पडेस्क 24x7 आधार पर काम कर रहा है।
आयकर विभाग की ओर से 15 सितंबर को ITR Filing की डेट इसलिए बढ़ाई गई क्योंकि बहुत से टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा ई-फाइलिंग और अग्रिम कर भुगतान के लिए आयकर विभाग के पोर्टल तक पहुंचने में दिक्कत आ रही थी। साइट सही से लोड नहीं हो रही थी।
