नई दिल्ली, पीटीआइ। आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस वित्त वर्ष में अब तक उसने 1.79 करोड़ करदाताओं को 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड जारी किए हैं। इसमें आकलन वर्ष 2020-21 के 1.41 करोड़ रिफंड शामिल हैं, जो 27,111.40 करोड़ रुपये के हैं। आयकर विभाग ने ट्वीट किया, ‘‘केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक अप्रैल 2021 से 24 जनवरी 2022 के बीच 1.79 करोड़ से अधिक मतदाताओं को 1,62,448 करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड जारी किए हैं।’’

ULIP से होने वाले रिटर्न पर लगेगा मोटा टैक्‍स, जानिए इनकम टैक्‍स विभाग ने क्‍या दिया फॉर्मूला

अगर आप यूनिट लिंक्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (ULIP) के जरिए निवेश करते हैं तो अब उससे मिलने वाला रिटर्न भी टैक्‍सेबल हो गया है। जी हां, इनकम टैक्‍स विभाग ने अधिक प्रीमियम वाली यूनिट आधारित बीमा योजना (यूलिप) से प्राप्त रकम को कर योग्य बना दिया है। इसका उद्देश्य इसे म्यूचुअल फंड की तरह बनाना है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 18 जनवरी को 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा के वार्षिक प्रीमियम वाले यूलिप के संबंध में कैपिटल गेन की गणना के तौर-तरीकों को लेकर नियमों को अधिसूचित किया। अगले दिन उसने एक परिपत्र जारी किया, जिसमें टैक्‍सेशन के विभिन्न पहलुओं को बताया गया था।

आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि बीते केंद्रीय बजट में यूलिप के संबंध में की गयी घोषणा को प्रभावी बनाने के लिए सीबीडीटी ने नियमों और दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया है। उसने कहा कि यह कोई नया कराधान प्रावधान नहीं हैं, बल्कि केवल ख्‍खास मामलों में यूलिप को भुनाने के लिए पूंजीगत लाभ की गणना के तरीके को स्पष्ट करता है।

Edited By: Nitesh