नई दिल्ली (पीटीआई)। आने वाले समय में वियरेबल डिवाइसेज बीमा क्षेत्र का हिस्सा बन जाएगा। यह जानकारी बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने गुरुवार को दी है। बीमा नियामक ने एक वर्किंग ग्रुप बनाया है और गाइडलाइन्स के तहत पॉलिसीहोल्डर्स को ध्यान में रखते हुए इस तरह के गैजेट्स को शामिल करने के संबंध में सुझाव मांगे हैं।

हेल्थ फ्रीक के बीच वियरेबल गैजेट्स की बढ़ती रुचि साथ ही मोबाइल फोन पर हेल्थ एप्स के डाउनलोड्स भी बढ़ रहे हैं। इनकी मदद से लोग सहुलयित अनुसार अपनी फिजिकल एक्टिविटीज और हेल्थ स्टेटस को ट्रैक करते हैं।
इस 10 सदस्यीय वर्किंग ग्रुप का नेतृत्व बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण के चीफ जनरल मैनेजर येगंप्रिया भारत करेंगे। साथ ही वे बीमा क्षेत्र में हो रहे नये नये इंनोवेशन्स जिनमें वियरेबल और पोर्टेबल डिवाइसेज शामिल है, का प्ररीक्षण करेंगे।

इरडा ने अपनी एक नोटिफिकेशन में बताया है कि बीमा क्षेत्र में वियरेबल और पोर्टेबल डिवाइसेज का इस्तेमाल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (फिनटेक) में अक्सर उठाया जाता है। रिक्स असेसमेंट और प्रोडक्ट डिजाइन को देखते हुए इरडा ने कहा है कि वियरेबल डिवाइसेज लोगों कि पर्सनल फिटनेस या हेल्थ लाइफस्टाइल को सम्मेलित करेंगे।

साथ ही इरडा ने यह भी कहा, “हमे इंश्योरेंस के तकनीकी रुझानों और इसके तमाम कार्यान्वयन को समझने की जरूरत है। ताकि हम इसका अधिकतम फायदा लोगों तक पहुंचा सके।”

By Surbhi Jain