नई दिल्ली बिजनेस डेस्क। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल को तगड़ा झटका दिया है। इरडा ने रिलायंस कैपिटल की कंपनी रिलायंस हैल्थ इंश्योरेंस कंपनी (RHICL) को नई पॉलिसीज नहीं बेचने के लिए कहा है। साथ ही इरडा ने सभी पॉलिसीधारकों की देनदारियों को स्थानांतरित करने के लिए कहा है। इरडा ने बुधवार को एक प्रेस रिलीज जारी कर यह घोषणा की है। गौरतलब है कि RHICL  नकदी की बड़ी समस्या से जूझ रही है।

इरडा ने इसलिए लगाई पॉलिसीज बेचने पर रोक

इरडा के अनुसार, अक्टूबर 2018 में मार्केट में आई रिलायंस हैल्थ इंश्योरेंस जून 2019 से सॉल्वेंसी मार्जिन के आवश्यक स्तर को बनाए रखने में समर्थ नहीं है। अगस्त 2019 के आखिर में जब इरडा के सामने यह बात आई, तो आरएचआईसीएल को एक महीने में सॉल्वेंसी मार्जिन का आवश्यक स्तर जुटाने का निर्देश जारी हुआ था। लेकिन यह अब तक भी नहीं हो पाया है। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी को चेतावनी नोटिस भी जारी हुआ और एक दूसरा मौका दिया गया। इसके बावजूद जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा के लिए इरडा ने अब यह निर्देश जारी किया है।

इरडा ने दिये है ये निर्देश

इरडा ने अपने निर्देश में कहा है कि कंपनी कोई नई पॉलिसी नहीं बेचे। साथ ही इरडा ने कहा कि 15 नवंबर 2019 से रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (RGICL) को सभी पॉलिसीधारकों की देनदारियां वित्तीय संपत्तियों के साथ ट्रांसफर हों। इस समय तक आरएचआईसीएल इन संप्तियों का उपयोग क्लेम सेटलमेंट के अलावा किसी भी भुगतान के लिए नहीं कर सकती। यह अनुमान लगाया गया है कि ये संपत्तियां मौजूदा पॉलिसीधारकों के भविष्य में आने वाले क्लेम का सेटलमेंट करने के लिए पर्याप्त है। इरडा की प्रेस रिलीज यहां पढ़ी जा सकती है।

इरडा करेगी मामले की निगरानी

इरडा द्वारा आरजीआईसीएल को यह निर्देश दिया गया है कि वह 15 नवंबर 2019 से आरएचआईसीएल के पॉलिसीधारकों के क्लेम का तुरंत और कुशलतापूर्वक सेटलमेंट करे। इरडा पॉलिसीधारकों के हितों को देखते हुए इसकी निगरानी कर रही है।

Posted By: Pawan Jayaswal

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