नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। बीमा नियामक इरडा ने सभी बीमाकर्ताओं को उन पॉलिसीहोल्डर्स के जमा को वेल्फेयर फंड में ट्रांस्फर करने के लिए बोला है जो 10 वर्षों से बिना दावे के पड़ी हैं। नियामक ने यह ट्रांस्फर एक मार्च तक करने के लिए बोला है।

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने अपने सर्कुलर में कहा, “सभी बीमाकर्ता जिनके पास बिना दावे वाली राशि है जिसके 30 सितंबर, 2017 तक 10 वर्ष पूरे हो गये हैं तो उसे सीनियर सीटीजन वेल्फेयर फंड (एससडब्ल्यूएफ) में एक मार्च, 2018 तक या उससे पहले ट्रांस्फर कर दें।”

लाइफ, नॉन लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस सेवा प्रदाताओं को एससडब्ल्यूएफ नियमों, 2016 का अनुपालन करना होगा। इरडा ने कहा है कि यह ट्रांस्फर कंसोलिडेटिड फंड ऑफ इंडिया में एक मार्च, 2018 या उससे पहले हर साल ट्रांस्फर कर दें।

सीनियर सीटीजन वेल्फेयर फंड (एससडब्ल्यूएफ) को वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए ओल्ड एज पेंशन, लॉन्ग टर्म सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट, स्वास्थ्य और पोषण का प्रोत्साहन और किफायती कीमत पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किया गया है।

बजट में हुई तीन सरकारी नेशनल इंश्योरेंस कंपनियों की घोषणा

आम बजट में सरकार ने वित्तीय क्षेत्र में सुधार को लेकर बहुत लंबी चौड़ी घोषणाओं से परहेज किया है। हालांकि साधारण बीमा क्षेत्र में एक ऐसी घोषणा है, जो आने वाले दिनों में काफी असर डालेगी। यह घोषणा है साधारण बीमा क्षेत्र की तीन सरकारी कंपनियों नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड इंडिया एश्योरेंस कंपनी और ओरियंटल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विलय की। वर्ष 2000 में जब से बीमा क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोला गया है, तब से इन सरकारी कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है।

By Surbhi Jain