स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर सबसे बड़ी खबर, भारत समेत कई देशों के लिए राहत, ईरान सिक्योरिटी कमीशन का अहम एलान
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। अब ईरान के राष्ट्रीय ...और पढ़ें

HighLights
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर ईरान ने अहम बयान दिया।
ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग प्रमुख ने कहा है कि होर्मुज खोला जाएगा।
ईरान ने डोनल्ड ट्रंप को राहत देने से इनकार किया है।
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने से दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है और इस वजह से क्रूड की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया। लेकिन, अब ईरान ने एक बड़ा एलान किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख ने ट्रंप से कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य खोला जाएगा, लेकिन आपके लिए नहीं।"
ईरान के नेशनल सिक्योरिटी कमीशन का यह बयान भारत समेत दुनिया के कई अन्य देशों के लिए बहुत मायने रखता है। क्योंकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते बड़ी मात्रा में कच्चे तेल समेत अन्य सामानों का आयात-निर्यात होता है।
"Strait of Hormuz will be opened, but not for you:" Iran's nation security commission head tells Trump
— ANI Digital (@ani_digital) April 1, 2026
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तेल व्यापार की "जीवन रेखा" स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है, इसलिए वैश्विक ऊर्जा व्यापार और भू-राजनीतिक मुद्दों के लिए बहुत मायने रखता है।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे दुनिया के तेल व्यापार की "जीवन रेखा" कहा जाता है।
- यह वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण 'चोकपॉइंट' (संकरा रास्ता) है। दुनिया भर में खपत होने वाले कुल कच्चे तेल का लगभग 20% से 30% हिस्सा (करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन) इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।
- मिडिल ईस्ट के बड़े तेल उत्पादक देश- सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और खुद ईरान अपना ज़्यादातर तेल इसी रास्ते से एशिया (भारत, चीन, जापान) और पश्चिमी देशों को निर्यात करता है।
कच्चे तेल के अलावा गैस के व्यापार के लिए भी यह रास्ता बेहद अहम है। कतर दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यातकों में से एक है, और दुनिया भर में जाने वाली लगभग 20% से अधिक LNG इसी मार्ग से होकर जाती है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
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बता दें कि जंग के चलते ईरान ने इसे बंद कर दिया है जिससे सप्लाई चैन प्रभावित हुई है। हालांकि, कुछ देशों के जहाजों को ईरान ने होर्मुज के रास्ते से जाने दिया है।
