यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Interim Budget 2024: बजट में होम बायर्स को मिल सकता है ये फायदा, Real Estate Sector में तेजी लाने के लिए सरकार ले सकती है फैसला
होम लोन की ब्याज दरों में अगर इस साल कटौती हुई तो देश में घरों की बिक्री में तेजी देखने ...और पढ़ें

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। पिछले 6 वर्षों में होम के कीमतों और ब्याज दरों में तेजी देखने को मिली थी। इस चुनौतियों के बावजूद वर्ष 2023 में रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी देखने को मिली थी। इस सेक्टर में आई तेजी का प्रूफ रेजिडेंशियल प्रोपर्टी के बिक्री के उच्चतम स्तर पर पहुंचना है। वर्ष 2023 में भारत के टॉप सात शहरों में करीब 4.77 लाख रेजिडेंशियल यूनिट्स की बिक्री हुई है।
इसके अलावा नए लॉन्च किये गए घरों की संख्या में भी काफी तेजी देखने को मिली है। नए लॉन्च होम की संख्या लगभग 4.46 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया है। देश की उच्च आर्थिक बढ़ोतरी और होम लोन की ब्याज दरों में कमी की वजह से इस साल घरों की बिक्री में तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बजट में कोई फैसला लिया जा सकता है।
रियल एस्टेट सेक्टर की निगाहें वित्त मंत्री पर
केंद्र सरकार चुनाव से पहले बजट पेश करने के लिए तैयार है। ऐसे में सभी सेक्टर की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर हैं। अगर हम रियल एस्टेट सेक्टर की बात करें तो उम्मीद की जा रही है कि इस सेक्टर के लोगों को टैक्स की छूट मिल सकती है।
माना जा रहा है कि सरकार भी चाहती होगी कि वह चुनाव से पहले टैक्स छूट का फैसला लेकर मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करें। अगर सरकार टैक्स छूट का फैसला करती है तो इसका असर आम जनता के साथ रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा।
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5 लाख तक मिलत सकती है टैक्स छूट
क्रेडाई ने एक तर्क दिया है कि वर्तमान में ब्याज दरें एक चुनौती पेश करती हैं। ऐसे में 2024 की दूसरी तिमाही तक रेपो दर में भी स्थिरता बने की संभावना है। क्रेडाई ने मांग की है कि इस बार के बजट में होम लोन पर टैक्स छूट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी जाए।
NAREDCO ने की टैक्स छूट की मांग
NAREDCO ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने 'सभी के लिए आवास' हासिल करने के लिए जीएसटी टैक्स छूट की भी मांग की है। हाल ही में एनएआरईडीसीओ ने आने वाले बजट में 50,000 करोड़ रुपये के फंड की मांग की थी।

रियल एस्टेट पर पड़ेगा प्रभाव
टैक्स छूट होने से रियल एस्टेट में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। सरकार के इस फैसले के बाद कई टैक्सपेयर्स आकर्षित होंगे और घर की बिक्री में तेजी देखने को मिलेगी। अगर सरकार यह फैसला नहीं लेती है तो फिर रियल एस्टेट में तेजी नहीं देखने को मिल पाएगी।
होम बॉयर्स को होगा फायदा
पिछले वर्ष की तरह अगर इस वर्ष 2024 में भी रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी देखी तो ऐसे में होम लोन की ब्याज दरों में छूट हो सकती है। जिसके बाद घर खरीदनों वालों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। टैक्स छूट से होम बायर्स के साथ-साथ रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी काफी सही रहेगा।

