नई दिल्ली: औद्योगिक उत्पादन के मामले में देश ने जनवरी में बेहतर प्रदर्शन किया है। जनवरी (2017) महीने में औद्योगिक उत्पादन में तेजी लौटी है और इसमें सालाना आधार पर 2.7 फीसद की वृद्धि दर्ज की। IIP में यह तेजी प्रमुख रुप से कैपिटल गुड्स सेगमेंट के बेहतर प्रदर्शन की वजह से आई है। आपको बता दें कि कैपिटल गुड्स सेगमेंट निवेश गतिविधियों का एक बेरोमीटर भी है।

फैक्ट्री आउटपुट को जिसे औद्योगिक उत्पापदन सूचकांक (IIP) के आधार पर नापा जाता है में दिसंबर महीने के दौरान 0.1 फीसद की गिरावट देखने को मिली थी। इस गिरावट की प्रमुख वजह केंद्र सरकार की ओर से बीते साल 8 नवंबर को लिया गया नोटबंदी का फैसला रहा जिसके कारण बाजार में नकदी की किल्लत हो गई थी। वहीं इससे पहले नवंबर में औद्योगिक उत्पा दन की वृद्धि दर 5.53 फीसद रही थी।

साल 2017 के पहले महीने जनवरी में कैपिटल गुड्स सेगमेंट की वृद्धि दर 10.7 फीसद रही, जो कि बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में 21.6 फीसद थी। वहीं बेसिक गुड्स श्रेणी में वृद्धि दर 5.3 फीसद रही, जो जनवरी 2016 में 1.9 फीसद रही थी। साथ ही कंज्यूसमर गुड्स सेगमेंट में जनवरी महीने के दौरान एक फीसद की गिरावट आई। जबकि बीते वर्ष की समान अवधि के दौरान इसमें 0.1 फीसद की गिरावट रही थी।

अप्रैल से जनवरी की अवधि के दौरान (2016-17) आईआईपी में 0.6 फीसद की वृद्धि रही, जो बीते वित्त वर्ष की समान अवधि के 2.7 फीसद की वृद्धि दर की तुलना में कम है। जनवरी 2017 में खनन में 5.3 फीसद, विनिर्माण में 2.3 फीसद और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टसर में 3.9 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई।

Posted By: Praveen Dwivedi

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