नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत के चीनी उत्पादन में मौजूदा बाजार वर्ष की पहली तिमाही अर्थात अक्टूबर से दिसंबर महीने के दौरान तेज गिरावट आई है। देश का चीनी उत्पादन इस दौरान 30.22 फीसद की तेज गिरावट के कारण 7.79 मिलियन टन रह गया है। हालांकि, एक्स-मिल प्राइस अब तक स्थिर ही बनी हुई है। गुरुवार को भारतीय चीनी मिल एसोसिएशन (ISMA) द्वारा यह जानकारी दी गई है।

आईएसएमए के अनुसार, चीनी की एक्स-मिल कीमत उत्तर भारत में 3,250 से 3,350 प्रति क्विंटल और दक्षिण भारत में 3,100-3,250 प्रति क्विंटल पर स्थिर बनी हुई हैं। उत्पादन के ताजा आंकड़े जारी करते हुए आईएसएमए ने कहा कि देश का कुल चीनी उत्पादन दिसंबर 2019 तक गिरकर 7.79 मिलियन टन तक आ गया। वहीं, बाजार वर्ष 2018-19 की समान अवधि में यह आकंड़ा 11.17 मिलियन टन था।

अपने पहले अनुमान में आईएसएमए ने इस साल चीनी का उत्पादन 26 मिलियन टन आंका था, जो कि साल 2018-19 के 33.16 मिलियन टन से कम है। अगला अनुमान अगले महीने जारी होगा। 

देश के सबसे ज्यादा चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र का चीनी उत्पादन दिसंबर 2019 तक गिरकर 1.65 मिलियन टन रह गया है। जबकि पिछले साल समान अवधि में यह 4.45 मिलियन टन रहा था। महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन में यह गिरावट गन्ने की फसल के बाढ़ से प्रभावित होने के कारण आई है।

इंडस्ट्री बॉडी के अनुसार, राज्य सरकार ने बताया है कि अहमदनगर और औरंगाबाद में एक-एक मिल में मजदूर नहीं मिलने और गन्ने की कम उपलब्धता के कारण उत्पादन बंद हो गया है। दिसंबर 2019 तक करीब 137 चीनी मिलें चालू थीं। जबकि एक साल पहले की समान अवधि में 189 मिलों में काम हो रहा था।

Posted By: Pawan Jayaswal

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