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खरीफ सीजन में धान किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, खरीद को लेकर सरकार का बड़ा एलान!

By Jagran BusinessEdited By: Nayan Tiwari
Published: Thu, 03 Sep 2026 08:27 PM (IST)

सरकार ने इस खरीफ सीजन में 708.64 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल से कम ...और पढ़ें

धान खरीद पर सरकार का बड़ा फैसला

धान खरीद पर सरकार का बड़ा फैसला

HighLights

  1. खरीफ सीजन में 708.64 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य।

  2. पिछले साल से 102 लाख टन कम, भंडार सरप्लस होने से।

  3. केंद्रीय पूल में चावल का भंडार न्यूनतम मानक से तीन गुना।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| सरकारी गोदामों में चावल का भंडार सरप्लस होने के बीच सरकार इस खरीफ सीजन में 708.64 लाख टन धान खरीदने जा रही है। हालांकि यह पिछले खरीफ सीजन में हुई 810.72 लाख टन खरीद से 102 लाख टन कम है। इसे किसानों से सरकारी खरीद घटाने के बजाय पहले से भरे भंडार को देखते हुए नई फसल की खरीद का संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

पिछले साल से 6% ज्यादा चावल मौजूद

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक केंद्रीय पूल में अभी करीब 402 लाख टन चावल उपलब्ध है। पिछले साल 1 अगस्त को यह करीब 380 लाख टन था। यानी इस बार सरकारी भंडार में 6% ज्यादा चावल मौजूद है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जुलाई के लिए चावल का न्यूनतम बफर मानक करीब 135.40 लाख टन है। इसके मुकाबले केंद्रीय पूल में उपलब्ध चावल लगभग 3 गुना है। ऐसे में यदि पिछले साल की तरह ही बड़ी मात्रा में धान खरीदा जाता तो सरकारी गोदामों पर भंडारण का दबाव और बढ़ता।

वास्तविक खरीद का आंकड़ा और अधिक

सरकार को दूसरी तरफ वेलफेयर स्कीम्स के लिए भी लगातार चावल की जरूरत होती है। इसलिए खरीद को बहुत ज्यादा घटाना ठीक नहीं। ताजा खरीद का अनुमान इसी जरूरत और उपलब्ध भंडार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। हालांकि मंत्रालय का यह शुरुआती अनुमान है। वास्तविक खरीद का आंकड़ा इससे ज्यादा भी हो सकता है।

धान की बुवाई के क्षेत्रफल में कमी

ध्यान देने वाली बात ये है कि बारिश में कमी के चलते धान के रकबे में भी इस बार 3.35 प्रतिशत की कमी है। फिर भी केवल रकबा घटने को खरीद में कमी का कारण नहीं माना जा सकता। MSP पर खरीद इस बात पर भी निर्भर करती है कि किसान अपनी उपज का कितना हिस्सा सरकारी केंद्रों पर बेचते हैं और साथ ही खुले बाजार में धान के क्या भाव मिलते हैं।

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महत्वपूर्ण बात है कि खरीद अनुमान घटने का मतलब MSP पर खरीद बंद करना नहीं है। सामान्य धान का MSP इस साल ₹2369 प्रति क्विंटल है। तय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने वाला धान सरकारी केंद्रों पर खरीदा जाएगा।