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GST Collections में आया 13.9% का जबरदस्त उछाल, ये हैं सबसे अधिक GST भरने वाले 5 राज्य

Published: Wed, 01 Jul 2026 01:51 PM (IST)

जून में सकल जीएसटी संग्रह 13.9% बढ़कर ₹1,94,812 करोड़ हो गया, जबकि शुद्ध संग्रह 11.2% बढ़कर ₹1,62,377 करोड़ रहा। महाराष्ट्र, ...और पढ़ें

GST Collections में 13.9% का जबरदस्त उछाल

GST Collections में 13.9% का जबरदस्त उछाल

HighLights

  1. जून में सकल जीएसटी संग्रह 13.9% बढ़कर ₹1,94,812 करोड़।

  2. महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक शीर्ष पांच जीएसटी संग्रहकर्ता राज्य।

  3. घरेलू खपत और विदेशी व्यापार से जीएसटी राजस्व में वृद्धि।

नई दिल्ली| सकल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन की सालाना रिपोर्ट जारी की गई है। इस बार GST Collections 13.9 प्रतिशत बढ़कर ₹1,94,812 करोड़ हो गया है। यह पिछले साल समान अवधि में ₹1,71,105 करोड़ पर था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल सकल जीएसटी में सीजीएसटी (Central GST) की हिस्सेदारी ₹37,376 करोड़, SGST (State GST) की हिस्सेदारी ₹45,116 करोड़ और IGST (Integrated GST) की हिस्सेदारी ₹1,12,320 करोड़ रही है। इसमें आयात जीएसटी से प्राप्त ₹60,038 करोड़ भी शामिल है।

GST रिफंड में भी हुई बढ़ोतरी

आंकड़ों के मुताबिक जून में GST रिफंड में भी 29.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस बार का GST रिफंड ₹32,436 करोड़ रुपए रहा है, जो कि पिछले साल की इस अवधि में ₹25,121 करोड़ था। रिफंड को हटाकर जून में शुद्ध जीएसटी कलेक्शन ₹1,62,377 करोड़ रहा है, जो कि जून 2025 में 1,45,984 करोड़ रुपए था। इसमें सालाना आधार पर 11.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।

पहली तिमाही में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सकल जीएसटी का कलेक्शन ₹6,31,699 करोड़ रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में ₹5,82,542 करोड़ रुपए था, पहली तिमाही में सालाना आधार पर 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस अवधि में सरकार ने ₹91,482 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया है, जिससे शुद्ध जीएसटी संग्रह ₹5,40,218 करोड़ रह गया है।

सबसे अधिक GST कलेक्शन वाले राज्य

जून में जीएसटी कलेक्शन में टॉप पांच राज्यों में महाराष्ट्र (₹9,924 करोड़), गुजरात (₹4,333 करोड़), कर्नाटक (₹4,118 करोड़), तमिलनाडु (₹3,639 करोड़) और उत्तर प्रदेश (₹3,249 करोड़) का नाम शामिल था। बता दें कि 9 साल पहले 1 जुलाई, 2017 को GST को पूरे देश में लागू किया गया था। इसके चलते वैल्यू एडेड टैक्स (VAT), सेल्स टैक्स जैसे कई कर समाप्त हुए और देश में एक कर व्यवस्था लागू हो सकी है, जिससे देश में कारोबार करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया।

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घरेलू खपत और विदेशी व्यापार की ताकत

टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विसेज LLP के पार्टनर विवेक जालान ने कहा है कि जून 2026 में भारत का GST रेवेन्यू घरेलू खपत की मजबूती और विदेशी व्यापार की ताकत, दोनों को दिखाता है। नेट GST कलेक्शन में 11.2% की बढ़ोतरी हुई। GST 2.0 में दरों में कटौती और स्टॉक पर जमा इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के लगातार असर (जिसके 9-12 महीने तक रहने की उम्मीद है) के बावजूद घरेलू रेवेन्यू में 2.6% की वृद्धि हुई।
यह दिखाता है कि स्ट्रक्चरल बदलावों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत इनपुट सर्विसेज पर ITC जमा होने जैसी चुनौतियों के बावजूद खपत मजबूत बनी हुई है।

खास बात यह है कि जून में इंपोर्ट रेवेन्यू में 34.6% और साल-दर-साल आधार पर 26.2% की भारी बढ़ोतरी हुई। यह कैपिटल गुड्स और रॉ मटीरियल की मजबूत मांग को दिखाता है, जो औद्योगिक विकास को बढ़ावा देते हैं। इस तेजी को GSTAT अपीलों के लिए किए गए प्री-डिपॉजिट और अगस्त 2026 की समय-सीमा (टाइम बार) से पहले FY 2020-21 के लिए सेक्शन 74 के तहत SCN जारी करने जैसी प्रवर्तन कार्रवाइयों से भी सहारा मिला।