नई दिल्ली (पीटीआई)। भारत की आर्थिक विकास पर अपना निचला स्तर छू चुकी है और जीडीपी अगली कुछ तिमाहियों में सुधरकर 7 फीसद के ट्रैक पर आ सकती है। हालांकि इसे 7.5 फीसद या फिर इससे ऊपर का स्तर छूने में अभी कुछ और वक्त लग सकता है। यह जानकारी स्टैंडर्ड चार्टेड की एक रिपोर्ट के जरिए सामने आई है।

साल 2018 के इकोनॉमिक आउटलुक पर आधारित एक रिसर्च नोट में कहा गया कि भारत की जीडीपी का बुरा दौर अब बीत चुका है। जबकि इस रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के लिए 6.5 फीसद का और अगले वित्त वर्ष के लिए 7.2 फीसद की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। इसमें कहा गया, “हमें उम्मीद है कि अगले चार से छह तिमाहियों में विकास दर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी।”

स्टैंडर्ड चार्टेड ने कहा, “5.7 फीसद (अप्रैल से जून तिमाही) के साथ 13 तिमाहियों का निचला स्तर छूने के बाद अर्थव्यवस्था ने अपना निम्नतम स्तर छू लिया है। हम अगली कुछ तिमाहियों में ग्रोथ रेट के 7 फीसद पर वापसी करने की संभावनाएं देख रहे हैं, जिसका तमाम कारक समर्थन कर रहे हैं।”

इन कारकों में अर्थव्यवस्था से जुड़े नीतिगत बदलाव, नई कर व्यवस्था में आने के लिए जीएसटी में दी गई अस्थाई छूट, बैंक बैलेंस सीट के मुद्दों को सुलझाने के साथ साथ नोटबंदी एवं आपूर्ति की खामियों से उबरने के बाद कृषि क्षेत्र में कीमतों के सुधार की वजह से किसानों की आय में सुधार करना प्रमुख रुप से शामिल है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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