अमेरिकी टैरिफ और मिडिल ईस्ट में युद्ध के बावजूद अप्रैल में 4 साल के हाई पर पहुंचा भारत का निर्यात; कौन बना संकटमोचक? नाम देख चौंक जाएंगे
अप्रैल में भारत का माल निर्यात 13.8% बढ़कर 43.56 अरब डॉलर के साथ चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच ...और पढ़ें
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भारत के निर्यात में तेज उछाल (AI Image)
HighLights
अप्रैल में भारत का निर्यात 4 साल के उच्च स्तर पर।
छोटे देशों में बढ़ती मांग ने निर्यात को बढ़ावा दिया।
अनाज, मांस, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज।
नई दिल्ली| इन दिनों दुनियाभर में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर देखने को मिला है। अप्रैल में अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी महज 1.1 प्रतिशत रही जो काफी धीमी रही। पश्चिम एशिया, खासकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को निर्यात घटने के बावजूद, छोटे और नए देशों में बढ़ती मांग के कारण अप्रैल में भारत के कुल माल निर्यात में मजबूत बढ़त (increase in exports) दर्ज की गई। अप्रैल के महीने में तेजी से आगे बढ़ा है। भारत के एक्सपोर्ट में 13.8 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई और ये बढ़कर 43.56 अरब डॉलर हो गया, जो चार साल से अधिक समय में उच्चतम मासिक निर्यात है।
इन देशों में बढ़ा एक्सपोर्ट
भारत के निर्यात में सबसे ज्यादा वृद्धि श्रीलंका (214.7 प्रतिशत), सिंगापुर (179.2 प्रतिशत), तंजानिया (157.6 प्रतिशत) और हांगकांग (90.6 प्रतिशत) को एक्सपोर्ट किया गया। वित्त वर्ष 2027 के पहले महीने में भारत का माल निर्यात 13.8 प्रतिशत बढ़कर 43.56 अरब डॉलर हो गया। बांग्लादेश (64.2 प्रतिशत), ऑस्ट्रेलिया (55 प्रतिशत), मलेशिया (59.7 प्रतिशत) और चीन (27 प्रतिशत) को भी निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
भारत ने बदली व्यापारिक रणनीति
अप्रैल में सिंगापुर ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को पीछे छोड़ा और भारत का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट बन गया। भारत के निर्यात बास्केट में सिंगापुर की हिस्सेदारी एक साल पहले के 3 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत हो गई। चीन और बांग्लादेश ने भी नीदरलैंड को पीछे छोड़ा और हुए क्रमशः तीसरे और चौथे सबसे बड़े एक्सपोर्ट बाजार बन गए।
इन बाजारों में निर्यात में आई तेज बढ़ोतरी का मुख्य कारण तेल की कीमतों में उछाल है, क्योंकि पेट्रोलियम उत्पाद इन अर्थव्यवस्थाओं में निर्यात की जाने वाली शीर्ष वस्तु हैं। छोटे देशों में नए गंतव्यों की ओर यह बदलाव भारत की बाजार विविधीकरण रणनीति को दर्शाता है, जिसे पिछले साल वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ की आशंकाओं के बीच तैयार किया गया था।
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इन सामानों का एक्सपोर्ट बढ़ा
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो निर्यात में सकारात्मक बढ़ोतरी में अनाजों के निर्यात में सबसे अधिक 210.19% का उछाल आया, इसके बाद मीट, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों में 48.03% और इलेक्ट्रॉनिक सामानों में 40.31% की बढ़ोतरी आई। पेट्रोलियम प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग सामान, मरीन प्रोडक्ट, हस्तशिल्प, दवाएं और कॉफी में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
