नई दिल्ली (जेएनएन)। अगस्त में कल कारखानों की रफ्तार बढ़ने के बाद अब निर्यात के मोर्चे पर भी अर्थव्यवस्था ने उड़ान भरी है। औद्योगिक उत्पादन बढ़ने का असर निर्यात पर दिखा और सितंबर के निर्यात में 25.67 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई। इस महीने देश से 28.61 अरब डॉलर का निर्यात किया गया। जबकि बीते वर्ष इसी महीने 22.76 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था। यह लगातार 13वां महीना है जब निर्यात की रफ्तार सकारात्मक बनी हुई है।

निर्यात की तेज रफ्तार ने सरकार को विदेश व्यापार घाटे के मोर्चे पर भी राहत दी है। इस महीने यह घाटा 8.98 अरब डॉलर पर आ गया। बीते वर्ष घाटा नौ अरब डॉलर से अधिक रहा था। घाटा कम होने की एक वजह यह भी रही कि सितंबर में आयात की रफ्तार निर्यात से कम रही। इस अवधि में आयात में 18.09 फीसद की ही वृद्धि हुई। सितंबर 2017 में देश में 37.59 अरब डॉलर का आयात हुआ जबकि बीते वर्ष इसी महीने 31.83 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था।

फियो के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता ने निर्यात के आंकड़ों पर संतोष जताते हुए कहा कि इस महीने 30 प्रमुख उत्पादों में से 26 के निर्यात में वृद्धि हुई है। गुप्ता ने कहा कि ऐसा लगता है कि अब देश 310 अरब डॉलर का आंकड़ा इस वित्त वर्ष में प्राप्त कर लेगा क्योंकि औद्योगिक उत्पादन के स्तर पर भी सकारात्मक रुख दिख रहा है।

इस महीने कच्चे तेल के आयात में 18.47 फीसद की वृद्धि हुई। तेल आयात बिल बढ़ने की एक प्रमुख वजह ब्रेंट क्रूड ऑयल के मूल्य में सितंबर में 19.42 फीसद की वृद्धि होना भी रहा। जबकि सितंबर में सोने के आयात में पांच फीसद की कमी दर्ज की गई।

इस महीने देश में 1.71 अरब डॉलर का सोना आयात किया गया। ट्रांसपोर्ट उपकरणों के आयात में भी सितंबर में 27.56 फीसद की कमी हुई। मशीन टूल्स के आयात की रफ्तार भी धीमी बनी हुई है। सितंबर में इसमें मात्र दो फीसद की वृद्धि हुई है। यह बताता है कि घरेलू अर्थव्यवस्था गतिविधियां धीमी गति से चल रही हैं।

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