नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। कुछ साल पहले ड्रोन का नाम आते ही मन में ऐसे सैन्य विमान की छवि बनती थी, जिन्हें बिना पायलट के उड़ाया जा सकता है। आज ऐसा नहीं है। अब फोटोग्राफी, कृषि, निगरानी और सामान की डिलीवरी जैसे विभिन्न कार्यों में छोटे-छोटे ड्रोन का प्रयोग हो रहा है। प्रयोग की बढ़ती संभावनाओं के साथ भारत में भी यह सेक्टर तेजी से अपने पंख फैला रहा है। कुछ समय पहले तक पूरी तरह से आयात पर निर्भर भारत में आज ढाई सौ से ज्यादा कंपनियां ड्रोन बनाने में लगी हैं।

ड्रोन आयात प्रतिबंधित

घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने आरएंडडी, डिफेंस और सिक्योरिटी के अलावा किसी भी अन्य जरूरत के लिए ड्रोन आयात प्रतिबंधित कर दिया है। कल-पुर्जो का आयात करने और यहां ड्रोन बनाने की अनुमति है।

बहुत काम के हैं ये उड़ते रोबोट

जिस तरह से वर्तमान समय में विभिन्न कार्यों में छोटे-छोटे ड्रोन का प्रयोग हो रहा है, उसे देखते हुए इन्हें उड़ते रोबोट कहना भी गलत नहीं है। भारत में निम्नलिखित क्षेत्रों में इनके प्रयोग की संभावनाएं उभरकर सामने आ रही हैं...

  • कृषि : फसलों की निगरानी व प्रबंधन करने और नुकसान का आकलन करने में
  • ऊर्जा : साइट मानिटरिंग, अंडरवाटर पाइप की निगरानी और ट्रांसमिशन लाइन के लिए सर्वे ग्रेड मैप बनाना
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर : 3डी वीडियो मैपिंग, लैंड आडिट, टाउन प्लानिंग और साइट मैनेजमेंट में
  • खनन : थर्मल इमेजिंग, क्षेत्र की मैपिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर व उपकरणों की निगरानी
  • मीडिया व एंटरटेनमेंट : ड्रोन में लगे कैमरे से वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और सिनेमेटोग्राफी
  • बीमा : उत्पादन का आंकड़ा जुटाना, बीमा योग्य नुकसान का आकलन करना, झूठे दावों को कम करना

कारोबार में संभावनाएं अपार

  • 80 करोड़ रुपये है अभी भारतीय ड्रोन मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री का टर्नओवर
  • 900 करोड़ रुपये टर्नओवर का अनुमान है अगले तीन साल में
  • 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है इसी अवधि में
  • 10,000 सीधे रोजगार के अवसर बनने की जताई जा रही संभावना
  • 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है अगले तीन साल में ड्रोन से संबंधित तीनों सेक्टर (हार्डवेयर मैन्यूफैक्चरिंग, साफ्टवेयर एवं सर्विसेज सेक्टर) का कारोबार
  • 5 लाख रोजगार के अवसर बनेंगे ड्रोन से संबंधित तीनों सेक्टर में अगले तीन साल में 

मेरा सपना हर हाथ स्मार्टफोन, हर खेत में ड्रोन : मोदी

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को दो दिवसीय 'भारत ड्रोन महोत्सव 2022' का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि उनका सपना है कि देश में हर हाथ में स्मार्टफोन हो, हर खेत में ड्रोन हो और हर घर में समृद्धि हो। उन्होंने कहा कि ड्रोन टेक्नोलाजी कृषि सेक्टर को दूसरे लेवल पर ले जाने वाली है। ड्रोन तकनीक से छोटे किसान को ताकत व तेजी मिलेगी और तरक्की सुनिश्चित होगी। इससे यह पता चल सकेगा कि किस जमीन पर कितनी और कौन सी खाद डालनी है, मिट्टी में किस चीज की कमी है, कितनी सिंचाई करनी है। अभी ये सारे काम अंदाज से होता रहा है जो कम पैदावार और फसल बर्बाद होने का बड़ा कारण रहा है।

ड्रोन से खेती किसानी में मिलेगी मदद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ड्रोन से यह भी पहचाना जा सकता है कि कौन सा पौधा और उसका कौन सा हिस्सा बीमारी से प्रभावित है। ड्रोन अंधाधुंध तरीके से स्प्रे नहीं करता बल्कि स्मार्ट स्प्रे करता है। इससे महंगी दवाओं का खर्च भी बचता है। ड्रोन की वजह से काफी ऊंचाई वाली फसल की देखभाल एवं उन पर दवा का छिड़काव आसान हो जाएगा जिससे देश के किसान दाल की खेती की तरफ जाएंगे।

ड्रोन टेक्नोलाजी स्वामित्व योजना जैसी बड़ी क्रांति का आधार

प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रोन टेक्नोलाजी पीएम स्वामित्व योजना जैसी बड़ी क्रांति का आधार बन रही है। इस योजना के तहत पहली बार देश के गांवों की हर प्रापर्टी की डिजिटल मै¨पग की जा रही है, डिजिटल प्रापर्टी कार्ड लोगों को दिए जा रहे हैं। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और भेदभाव की गुंजाइश खत्म हुई है। इसमें बड़ी भूमिका ड्रोन की रही है। ड्रोन की मदद से अभी तक देश में लगभग 65 लाख प्रापर्टी कार्ड बनाए जा चुके हैं।

जीवन का हिस्सा होगा ड्रोन

पीएम ने कहा कि ड्रोन के रूप में हमारे पास एक और ऐसा स्मार्ट टूल आ गया है, जो बहुत जल्द सामान्य से सामान्य भारतीय के जीवन का हिस्सा बनने जा रहा है। हमारे शहर हों या फिर देश के दूरदराज गांव, देहात वाले इलाके, खेत के मैदान हों या फिर खेल के मैदान, डिफेंस से जुड़े कार्य हों या फिर विपदा प्रबंधन, हर जगह ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ने वाला है। इसी तरह पर्यटन, मीडिया, फिल्म जैसे सेक्टर में ड्रोन इनकी गुणवत्ता और कंटेंट दोनों को बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय के मुकाबले आने वाले समय में ड्रोन का इस्तेमाल काफी अधिक होने वाला है।

Edited By: Krishna Bihari Singh