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बैंक में बड़े रिफॉर्म की तैयारी, 2.60 करोड़ युवाओं को होगा सीधा फायदा! वित्त मंत्री का एलान

By Jagran BureauEdited By: Ashish Kushwaha
Published: Mon, 17 Aug 2026 10:12 PM (IST)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों को युवाओं पर केंद्रित उत्पाद बनाने और शिक्षा व उद्यमिता के लिए आसान ऋण ...और पढ़ें

युवाओं के लिए बैंकिंग में बड़े बदलाव की तैयारी वित्त मंत्री ने किया एलान

युवाओं के लिए बैंकिंग में बड़े बदलाव की तैयारी वित्त मंत्री ने किया एलान

HighLights

  1. बैंक युवाओं पर केंद्रित उत्पाद बनाएंगे, शिक्षा-उद्यमिता ऋण आसान।

  2. 'मेरा युवा भारत' मंच से 2.60 करोड़ युवाओं को लाभ।

  3. विकसित भारत हेतु बैंकिंग सुधारों पर उच्च-स्तरीय समिति।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: आने वाले समय में बैंक युवाओं को ध्यान में रखकर अपने उत्पाद तैयार करेंगे, ताकि अधिक से अधिक युवा बैंकिंग का लाभ उठा सके। इसमें सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा व उद्यमिता के लिए आसानी से लोन उपलब्ध कराना होगा। युवाओं के लिए बैंकिंग उत्पाद तैयार करने में युवा मामले विभाग के 'मेरा युवा भारत' प्लेटफार्म की मदद ली जाएगी। इस प्लेटफार्म से देश के 2.60 करोड़ युवा जुड़े हुए हैं। सोमवार को सभी सरकारी बैंकों के प्रमुख की उपस्थिति में आयोजित पीएसबी कान्फ्लुएंस 2026 में इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया गया।

कान्फ्लुएंस की शुरुआत के मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश की आबादी में 15 से 29 साल के युवाओं की 29 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसलिए भविष्य की बैंकिंग में भारतीय युवाओं से जुड़ी चीजों को प्रमुखता व उनकी झलक दिखना चाहिए।

वित्त मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग रिफार्म को लेकर उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी इस बात की सिफारिश करेगी कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंकों में किस प्रकार के बदलाव की आवश्यकता है।

सीतारमण ने कहा कि इस कमेटी की सिफारिश पर तुरंत अमल शुरू किया जाएगा। विकसित भारत के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की घोषणा इस साल एक फरवरी को पेश बजट में की गई थी, लेकिन अब तक कमेटी का गठन नहीं हो पाया है। वित्त मंत्री ने कहा कि फिलहाल बैंकों का गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) अपने न्यूनतम स्तर पर है। इसलिए बैंकों को अब नए विजन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। विकसित भारत के निर्माण में काफी बड़े पैमाने पर पूंजी की आवश्यकता होगी और इसके लिए मजबूत बैंक की जरूरत होगी।

इस दो-दिवसीय कान्फ्लुएंस में सात मुद्दों पर बैंकों के बीच चर्चा की जाएगी। सोमवार को जमा जुटाने, बैंकिंग फार यूथ, इन्वेस्टमेंट साइकल, वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। मंगलवार को बचे हुए तीन मुद्दे एग्री वैल्यू चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्राथमिक क्षेत्र को कर्ज और क्रेडिट कार्ड बिजनेस की नई शुरुआत पर चर्चा होगी। इस मौके पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव ने कहा कि बैंकों को जमा जुटाने के लिए नए तरीके के साथ ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने बताया कि बैंकों का कारोबार बढ़ने के साथ मुनाफा भी लगातार बढ़ रहा है।

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