नई दिल्ली, पीटीआइ। मॉर्गेज फाइनेंसर इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस (आईबीएच) ने यह बताया है कि, उसने इस महीने अपने गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) निवेशकों को 7,075.84 करोड़ रुपये चुकाए हैं। मॉर्गेज फाइनेंसर इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने शुक्रवार को यह जानकारी उपलब्ध कराई है। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस (आईबीएच) देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में से एक है।

एक विज्ञप्ति के अनुसार रिपेमेंट पुनर्भुगतान में, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस द्वारा क्रमशः सितंबर 2016 और सितंबर 2018 में एनसीडी के सार्वजनिक निर्गम के 6,575.84 करोड़ रुपये और आईबीएच की 100 फीसद सहायक कंपनी इंडियाबुल्स कमर्शियल क्रेडिट (आईसीसीएल) और आईबीएच द्वारा सितंबर 2011 में जारी किए गए 500 करोड़ रुपये के एनसीडी शामिल थे।

इसके अलावा इस विज्ञप्ति में यह कहा गया कि, "सार्वजनिक एनसीडी को उनकी निर्धारित चुकौती तिथियों से पहले चुकाया गया था। मई 2022 में 350 मिलियन डॉलर के बांड की मेच्योरिटी के लिए, कंपनी ने अपनी मर्जी से एक आरक्षित कोष बनाया है, जिसमें वह समय-समय पर इन बांडों की, मेच्योरिटी से होने वाली कुल आय के 75 फीसद राशि को हस्तांतरित किया करेगी।"

यह राशि प्रत्येक 25 फीसद के तीन चरणों में आईडीबीआई ट्रस्टी द्वारा मैनेज होने वाले एक लोन चुकौती ट्रस्ट को हस्तांतरित की जाएगी, और जिसका उपयोग इन बांडों के निर्धारित छुटकारे के लिए किया जाएगा।

इसके साथ ही इस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि, "आइबीएच ने अगस्त 2021 में पहली किस्त पहले ही स्थानांतरित कर दी है, और अगले दो किस्तों को नवंबर 2021 और फरवरी 2022 में स्थानांतरित किया जाएगा।"

इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के बारे में

इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड भारत की दूसरी सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है और इसे नेशनल हाउसिंग बैंक द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह समीर गहलोत के इंडियाबुल्स समूह का हिस्सा है और समूह के कारोबार में लगभग 80 फीसद का योगदान देता है। इसका हेडक्वार्टर गुरुग्राम हरियाणा में स्थित है।

Edited By: Abhishek Poddar