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WPI Index July 2026: थोक महंगाई के आंकड़े आए सामने, इन चीजों में मिली राहत; लेकिन खाने की थाली हुई महंगी!

By Jagran BusinessEdited By: Ayushi Modi
Published: Fri, 14 Aug 2026 01:34 PM (IST)

जुलाई 2026 में थोक महंगाई दर मामूली रूप से घटकर 9.78% पर आ गई है, जो जून में 9.87% थी। ...और पढ़ें

WPI Index July 2026: थोक महंगाई के आंकड़े आए सामने, इन चीजों में मिली राहत; लेकिन खाने की थाली हुई महंगी!

WPI Index July 2026: थोक महंगाई के आंकड़े आए सामने, इन चीजों में मिली राहत; लेकिन खाने की थाली हुई महंगी!

HighLights

  1. जुलाई 2026 में थोक महंगाई दर 9.78% पर आई।

  2. ईंधन और बिजली की महंगाई दर में कमी दर्ज की गई।

  3. खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं, थाली हुई महंगी।

नई दिल्ली। रिटेल महंगाई दरों के आंकड़ों के बाद अब थोक महंगाई के आंकड़े भी जारी हो गए है। जुलाई 2026 के लिए ये आंकड़े थोड़े कम होते हुए दिखाई दे रहे हैं। जुलाई महीने में भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर मामूली रूप से घटकर 9.78% पर आ गई है। इससे पहले जून 2026 में यह 9.87% दर्ज की गई थी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में सभी सामानों (All Commodities) का सूचकांक 110.0 रहा, जबकि जून 2026 में ये 110.2 पर था। तो आइए आपको बताते हैं कि जुलाई 2026 के लिए थोक महंगाई के आंकड़े क्या-क्या कहते हैं।

कहां कितनी रही महंगाई?

प्राइमरी आर्टिकल्स (Primary Articles): इस सेक्टर में जुलाई 2026 में सालाना आधार पर महंगाई दर 8.52% दर्ज की गई, जबकि जून में ये 7.0% थी। इसका सूचकांक जुलाई में बढ़कर 117.2 हो गया।

फ्यूल एंड पावर (Fuel and Power): ईंधन और बिजली के मोर्चे पर थोड़ी नरमी देखने को मिली है। जुलाई 2026 में इस समूह की महंगाई दर 20.05% रही, जो जून में 27.41% पर थी। इसका सूचकांक गिरकर 105.4 पर आ गया है।

मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स (Manufactured Products): निर्मित उत्पादों की महंगाई दर जुलाई में बढ़कर 8.29% हो गई, जो जून में 7.48% थी। इसका सूचकांक 108.4 दर्ज किया गया।

किन चीजों ने सबसे ज्यादा बढ़ाई चिंता?

जुलाई के महीने में थोक महंगाई ने कुछ सेक्टर्स को रफ्तार दी। इनमें मिनरल ऑयल, खाद्य वस्तुएं (Food Articles), बेसिक मेटल्स का निर्माण, गैर-खाद्य वस्तुएं (Non-Food Articles), खाद्य उत्पादों का निर्माण और केमिकल और केमिकल उत्पादों का निर्माण शामिल है।

थोक खाद्य महंगाई की क्या स्थिति रही?

भले ही कुल थोक महंगाई में मामूली कमी आई हो, लेकिन खाने-पीने की चीजों के मोर्चे पर कीमतें अभी भी परेशान कर रही हैं। WPI फूड इंडेक्स में जुलाई 2026 के दौरान सालाना आधार पर 6.65% की महंगाई दर्ज की गई। चिंता की बात ये है कि ये आंकड़ा जून 2026 के 6.14% से ज्यादा है, यानी कि थाली में परोसे जाने वाली चीजें पिछले महीने के मुकाबले महंगी हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में आई नरमी से आने वाले दिनों में महंगाई पर लगाम कसने में मदद मिल सकती है, हालांकि खाद्य वस्तुओं की कीमतें अभी आम आदमी की जेब पर थोड़ा भारी पड़ रही हैं।

नोट: यहां ट्रांस्लेटर की मदद ली गई है। 

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