नई दिल्ली (जेएनएन)। भारत को साल 2040 तक लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी, ताकि आर्थिक विकास और समुदाय के सुदृढ़ीकरण में सुधार के लिए बुनियादी ढांचे का विकास किया जा सके। यह अनुमान ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर हब ने लगाया है।

इस रिपोर्ट ‘ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटलुक’ के मुताबिक भारत में साल 2040 तक 4.5 ट्रिलियन डॉलर के ढांचागत निवेश की जरूरत है। अगर ऐसा होता है तो यह चीन के बाद एशिया में दूसरा सबसे बड़ा बुनियादी ढांचा बाजार बन जाएगा। इस रिपोर्ट में कहा गया, “आय का बढ़ता स्तर और आर्थिक समृद्धि अगले 25 वर्षों में भारत में बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए मांग को महत्वपूर्ण रुप से बढ़ाएगी।”

स्थायी विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को ध्यान में रखते हुए देश के भीतर साल 2030 तक 888 अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश की आवश्यकता बताई जा रही है ताकि हर घर तक पानी और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इस रिपोर्ट में कहा गया, “पूर्ण रूप से, भारत में एसडीजी को पूरा करने के लिए साल 2030 तक 1.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की आवश्यकता है, यह चीन (257 बिलियन डॉलर) से भी ज्यादा है।”

इस फर्म ने 50 देशों और सात उद्योग क्षेत्रों का गहन अध्ययन किया। उसने इस अध्ययन में पाया है कि साल 2040 तक वैश्विक आबादी में दो अरब लोगों का इजाफा होगा, जो कि करीब 25 फीसद का इजाफा होगा। गांव से शहरों की तरफ लोगों का पलायन जारी है और शहरी आबादी में 46 फीसद का इजाफा हुआ है। आबादी के इसी हिस्से ने बुनियादी सुविधाओं के समर्थन के लिए भारी मांग को जोर दिया है।

Posted By: Surbhi Jain

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