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भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील जल्द संभव, कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा- दोनों देश डील के करीब पहुंचे

Published: Thu, 15 Jan 2026 03:24 PM (IST)

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक अपडेट सामने आया है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया ...और पढ़ें

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कॉमर्स सेक्रेटरी ने जानकारी दी।

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कॉमर्स सेक्रेटरी ने जानकारी दी।

HighLights

  1. कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट दिया।

  2. दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता जल्द होने की संभावना है।

  3. भारत, ट्रंप प्रशासन के साथ ट्रेड डील के करीब पहुंचा।

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर लगातार अपडेट आ रहे हैं। इसी कड़ी में कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने कहा है कि अमेरिका के साथ देश का व्यापार मजबूत स्थिति में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में जारी लगातार बातचीत के बीच भारत, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ एक ट्रेड डील के करीब है। कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील जल्द होने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने कहा है कि इसकी समय सीमा नहीं बता सकते हैं।

कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आशावादी हैं, और दोनों देशों के बीच इस संबंध में बातचीत जारी है।

कब होगा ट्रेड डील का एलान?

लेटेस्ट ट्रेड डेटा जारी करते समय कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने  साफ़ करते हुए बताया, ''भारत और अमेरिका के बीच बातचीत असल में कभी टूटी नहीं थी। हम लगातार बातचीत कर रहे हैं। पीयूष गोयल और USTR (यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव) जेमिसन ली ग्रीर के बीच एक वर्चुअल मीटिंग हुई है और कुछ मुद्दे हैं जिन पर बात हो रही है। यह बहुत करीब है, लेकिन हम कोई डेडलाइन नहीं बता सकते। डील तब होगी जब दोनों पक्ष घोषणा करने के लिए तैयार होंगे।"

हायर टैरिफ के बावजूद ग्रोथ बरकरार

कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने कहा, "अमेरिका के साथ व्यापार पॉजिटिव है। चीन, UAE के बाज़ार भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ऊंचे टैरिफ के बावजूद भारत अभी भी अमेरिका को हर महीने लगभग $7 बिलियन का एक्सपोर्ट कर रहा है। टेक्सटाइल, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण जैसे सेक्टर, अमेरिका के ऊंचे टैरिफ दबाव के बावजूद, डाइवर्सिफिकेशन की वजह से ग्रोथ बनाए हुए हैं।"

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फार्मा सेक्टर, जो एक्सपोर्ट पर सबसे ज़्यादा निर्भर सेक्टर्स में से एक है, इसके बारे में राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय कंपनियों के लिए नए बाज़ार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "भारत का फार्मा एक्सपोर्ट डाइवर्सिफिकेशन के साथ बढ़ रहा है, और ब्राज़ील और नाइजीरिया जैसे उभरते हुए बाज़ार ग्रोथ को लीड कर रहे हैं।"