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नई दिल्ली, पीटीआइ। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि सरकार निर्यातकों को किफायती दरों पर फॉरेन एक्सचेंज क्रेडिट देने के लिए जल्द ही गाइडलाइंस प्रस्तुत करेगी। उन्होंने एक्सपोर्ट क्रेडिट में कमी पर चिंता जताते हुए यह बात कही। गोयल ने बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक में यहां कहा कि सरकार एक्सपोर्ट क्रेडिट में गिरावट से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए एक अच्छी कार्ययोजना पेश करेगी। इससे खास तौर पर माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज को मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इस कार्ययोजना के तहत निर्यातकों को बहुत ही किफायती कीमत पर फॉरेन एक्सचेंज क्रेडिट मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि इसकी दर लगभग चार फीसद होगी। गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय एक्सपोर्ट क्रेडिट से जुड़े कुछ मुद्दों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के फैसले की प्रतीक्षा कर रहा है। मंत्री ने कहा कि बैंकों से भी बातचीत जारी है। उन्होंने कहा, ''हम जल्द ही एक रूपरेखा पेश करेंगे। इसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, वित्त मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय अंतिम रूप देंगे।''

पिछले साल एक्सपोर्ट क्रेडिट में 23 फीसद की कमी

वित्त वर्ष 2018-19 में एक्सपोर्ट क्रेडिट वितरण 23 फीसद घटकर 9.57 लाख करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष 2017-18 में यह आंकड़ा 12.39 लाख करोड़ रुपये का था। गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय इस महीने एंटी-डम्पिंग से जुड़े नए नियमों को नोटिफाई करेगा।

बैठक में अपने प्रतिनिधि नहीं होने भेजने वाले राज्यों के खिलाफ गोयल सख्त

इसके साथ ही मंत्री ने राज्यों से बोर्ड ऑफ ट्रेडिंग की बैठकों में अपने प्रतिनिधि भेजने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ''बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों एवं राज्य के मंत्रियों का नहीं होना, गंभीर चिंता की बात है। मुझे संबंधित मुख्यमंत्रियों से बात करना होगा।''

गोयल ने कहा कि राज्य के मंत्री बिना कोई जानकारी दिए इन बैठकों में शामिल होने के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं तो वह भी इन राज्यों के जवाब देने के लिए खुद को व्यस्त दिखा सकते हैं। उन्होंने कहा, ''मुझे उम्मीद है कि दूसरी बार बैठक में हिस्सा नहीं लेने वाले राज्यों को मैसेज मिल गया होगा।'' 

Posted By: Nitesh

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