सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

LPG Gas Crisis: गांवों में 25 नहीं 45 दिन बाद बुक होगा सिलिंडर! संकट के बीच गैस कंपनियों का बड़ा फैसला

Published: Thu, 12 Mar 2026 04:35 PM (IST)

LPG Gas Booking: गैस आपूर्ति की अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलिंडर बुकिंग नियमों में बदलाव किया है। ...और पढ़ें

गांवों में 25 नहीं 45 दिन बाद बुक होगा सिलिंडर! संकट के बीच गैस कंपनियों का बड़ा फैसला

गांवों में 25 नहीं 45 दिन बाद बुक होगा सिलिंडर! संकट के बीच गैस कंपनियों का बड़ा फैसला

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली| मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भारतीय रसोई तक पहुंचता दिख रहा है। गैस सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलिंडरबुकिंग (LPG cylinder booking) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए अलग-अलग समय तय किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण इलाकों में अब एलपीजी सिलेंडर 45 दिन बाद ही बुक कराया जा सकेगा, जबकि शहरी क्षेत्रों में बुकिंग का अंतराल 25 दिन रहेगा। इससे पहले देशभर में बुकिंग का समय 21 दिन था, जिसे हाल ही में बढ़ाकर 25 दिन किया गया था।

आखिर क्यों बदले गए नियम ?

सरकार का कहना है कि हाल के दिनों में गैस की कमी की अफवाहों के कारण लोग जरूरत से पहले ही सिलेंडर बुक करने लगे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, जो ग्राहक पहले लगभग 55 दिनों में सिलेंडर बुक करते थे, वे अब सिर्फ 15 दिन के अंतराल में बुकिंग करने लगे थे। इससे जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई थी।

इसी को रोकने के लिए सरकार ने बुकिंग का अंतराल बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि सप्लाई सिस्टम पर अचानक दबाव न पड़े।

जंग का गैस सप्लाई पर क्या असर ?

ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़े तनाव के कारण मध्य एशिया के महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर खतरा बढ़ गया है। यह दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक है।

भारत अपनी करीब 60% LPG जरूरत आयात से पूरी करता है, और इसमें से लगभग 90% गैस होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आती है। ऐसे में अगर इस मार्ग पर सप्लाई प्रभावित होती है तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार और रसोई गैस पर पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें- LPG vs Induction: किस पर खाना बनाना पड़ता है सस्ता, आपकी किचन के लिए कौन सा ऑप्शन है ज्यादा बेहतर? पूरा कैलकुलेशन

सरकार ने बढ़ाया उत्पादन ?

हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में घरेलू गैस की फिलहाल कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर सिलेंडर बुक न करें।

मंत्रालय के अनुसार, घरेलू रिफाइनरी कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन करीब 25% तक बढ़ा दिया है। इसके अलावा भारत ने कच्चे तेल और गैस के लिए वैकल्पिक स्रोतों से भी सप्लाई सुनिश्चित कर ली है।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता

सरकार ने यह भी फैसला किया है कि अगर सप्लाई पर दबाव बढ़ता है तो घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को मिलने वाली LPG और LNG की आपूर्ति में कुछ कटौती की गई है।

इस कदम का मकसद देश के 33 करोड़ से ज्यादा घरों तक रसोई गैस की नियमित सप्लाई बनाए रखना है।

क्या घबराने की जरूरत है?

फिलहाल सरकार का कहना है कि गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन बदलते वैश्विक हालात ने यह जरूर दिखा दिया है कि भारत की रसोई अभी भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार से काफी हद तक जुड़ी हुई है।