मेमोरी लागत और रुपये की कमजोरी का असर, 32% बढ़ी 10 हजार रुपये से कम दाम वाले स्मार्टफोन की कीमत
भारत में 2026 की पहली छमाही में मोबाइल फोन की कीमतें मेमोरी लागत बढ़ने और रुपये की कमजोरी के कारण ...और पढ़ें

HighLights
2026 की पहली छमाही में मोबाइल फोन 16% महंगे हुए।
मेमोरी की लागत और रुपये की कमजोरी मुख्य कारण।
10 हजार से कम के स्मार्टफोन 32% महंगे हुए।
एजेंसी, नई दिल्ली। साल 2026 की पहली छमाही में देश में मोबाइल फोन की कीमतें 16 प्रतिशत बढ़ गई हैं। इसका मुख्य कारण मेमोरी की लागत में बढ़ोतरी है। मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, रुपये की कमजोरी के कारण इम्पोर्ट किए गए कंपोनेंट महंगे हो गए हैं, जिससे लोकल मैन्युफैक्चरर्स की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
रिसर्च फर्म का कहना है कि पूरे वर्ष के दौरान कुल स्मार्टफोन बाजार में दो अंकों की गिरावट आने की उम्मीद है। दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के दौरान देश में औसत स्मार्टफोन बिक्री मूल्य रिकार्ड 318 डालर रहा है।
10 हजार रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की कीमत में औसतन 32 प्रतिशत की सबसे तेज वृद्धि देखी गई, जबकि इस श्रेणी में थोक बिक्री में वार्षिक आधार पर 65 प्रतिशत की सबसे अधिक गिरावट आई है। 10-15 हजार रुपये मूल्य वाले स्मार्टफोन की बिक्री में 20 प्रतिशत की गिरावट रही है।
छमाही के दौरान 20 हजार रुपये से अधिक के फोन की बिक्री बढ़ी है। ऐसा उच्च लांच कीमत और ट्रेड-इन आफर्स के कारण हुआ है। काउंटरप्वाइंट का अनुमान है कि मेमोरी की कीमतें वर्ष 2028 से पहले कम होने की संभावना नहीं है। रुपये के कमजोर होने से आयात लागत में वृद्धि जारी रहेगी, जिससे कीमतों पर दबाव बना रहेगा।
